मिर्जापुर। 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी बथुआ में बनने वाला इंजीनियरिंग कालेज अब तक अधूरा है। इसी प्रकार पिपराडांड में बनने वाला मेडिकल कालेज भी अधूरा है।
बथुआ में इंजीनियरिंग कालेज का 2006 में सपा सरकार के समय शिलान्यास किया गया। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को इसका काम दिया गया। बथुआ स्थित राजकीय पालीटेक्निक परिसर की खाली पड़ी जमीन पर इंजीनियरिंग कालेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ। चुनावी वर्ष होने के कारण निर्माण कार्य बड़ी तेजी से शुरू हुआ। डिजाइन व मैप बनने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। लेकिन सरकारी बदलती रही काम बंद रहा। वर्ष 2017 में इसका निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया। तब उम्मीद जगी कि यह पूर्ण हो जाएगी। लेकिन इस बार भी डेढ़ वर्ष से कोई बजट न मिलने से काम ठप हो गया। सीएनडीएस के प्रबंधक आकाश वर्मा ने बताया कि अभी तक बजट नहीं मिला है। मार्च तक मिलने की उम्मीद है। उसके बाद कार्य शुरू होगा।