मिर्जापुर। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों द्वारा हाई रिस्क जनसंख्या को चिन्हित कर उनके सेंम्पल मेडिकल कालेज स्थित कोविड-19 प्रयोगशालाओं को भेजने के निर्देश दिया गया है। इस सम्बन्ध में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि कोविड-19 पीड़ित रोगियों और हाई रिस्क जनसंख्या को चिन्हित कर समय से जाच एवं उपचार करने से इस वायरस के प्रसार को रोका जा सकता है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व कोरोना वायरस के नोडल अधिकारी डा. अजय ने बताया कि भेजे गये पत्र के मुताबिक वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, संत रविदास नगर (भदोही), सोनभद्र, आजमगढ़, बलिया, मऊ, प्रयागराज, कौशाम्बी और फतेहपुर के सैम्पल की जांच आईएमएस बीएचयू वाराणसी में होगी। सैम्पल कलेक्शन समय 24 घंटे तय किया गया है। प्रतिदिन हर एक जिले में कम से कम चार सैम्पल नियमानुसार ट्रिपल लेयर पैकिंग में सम्बंधित प्रयोगशाला भेजना है। इसके साथ ही इसकी सूचना स्वास्थ्य भवन लखनऊ हर रोज शाम छह बजे तक भेजनी होगी।
ये है हाई रिस्क श्रेणी के लोग
-अंतरराष्ट्रीय यात्रा के 28 दिनों के अन्दर कोविड-19 के लक्षणों वाले व्यक्ति
- कोविड-19 रोगी के संपर्क में आने वाले ऐसे व्यक्ति जिनमें लक्षण उत्पन्न हो गए हों।
- कोविड-19 रोगी के साथ एक ही घर में रहने वाले व्यक्ति ।
- सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी रोग (बुखार, खांसी या सांस की तकलीफ वाले सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में भर्ती रोगी।
- 28 दिनों के भीतर तब्लीगी जमात में भाग लेने वाले समस्त व्यक्ति।
- कोविड-19 रोगियों की देखभाल में लगे स्वास्थ्य कर्मी जिनमें लक्षण उत्पन्न हो गए हों अथवा स्वास्थ्य कर्मी जिन्होंने पर्याप्त सुरक्षा के बिना कोविड-19 की जाँच की हो।
- गंभीर लक्षणों वाले अंतरराज्यीय यात्री