कानपुर के पास मंधना में आरी के ब्लेड से काटी गई रेलवे ट्रैक की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
शरारती तत्वों ने शनिवार की रात जिगना गेट नंबर 14 सी के पास रेल पटरी पर बड़े-बड़े बोल्डर रखकर दूरंतों को गिराने की साजिश की गई, जो असफल हो गई। भोर में ढाई बजे के करीब नई दिल्ली से हावड़ा जा रही दूरंतो एक्सप्रेस बोल्डर से टकराई और उसका इंजन खराब हो गया। उसे गैपुरा के पास रोकना पड़ा। मालगाड़ी का इंजन लगाकर उसे डेढ़ घंटे बाद रवाना किया गया। साल भर में कई बार मिर्जापुर से जिगना के बीच पटरियों पर बोल्डर और पत्थर रखने की घटनाएं सामने आई हैं।
दिल्ली-हावड़ा रूट के जिगना गेट नंबर 14 सी के समीप डाउन लाइन की पटरियों पर शरारती तत्वों ने शनिवार की देर रात बड़े-बड़े बोल्डर रख दिए थे। रात करीब दो बजकर 30 मिनट पर नई दिल्ली से हावड़ा जा रही दूरंतो एक्सप्रेस बोल्डरों से टकराकर अनियंत्रित हो गई। इससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इंजन में खराबी के बावजूद चालक किसी तरह ट्रेन लेकर गैपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचा। यहां गाड़ी खड़ी कर दी गई। लगभग डेढ़ घंटे बाद अप लाइन से आ रही मालगाड़ी को रोककर उसका इंजना दूरंतों में लगाया गया। भोर में चार बजकर 10 मिनट पर ट्रेन को रवाना किया गया।
जिगना (मिर्जापुर) बताते चलें कि मिर्जापुर से जिगना के बीच राजधानी एक्सप्रेस गाड़ियों की पटरी पर कई बार बोल्डर और स्लीपर रखकर उन्हें गिराने के प्रयास किए जा चुके हैं। एक बार राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने एक युवक को ट्रैक पर लोहे का एंगल रखते हुए देखा तो ट्रेन रोककर उसे पकड़ लिया था। उसको जीआरपी को सौंप दिया गया। पूछताछ के बाद विक्षिप्त मानकर छोड़ दिया गया था। मगर बार-बार पटरियों पर कौन बोल्डर रखता है और क्यों रखता है, इसका राजफाश आज तक नहीं हो पाया।