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महानवमी पर आस्था का सैलाब

Sun, 29 Mar 2015 12:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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चैत्र नवरात्र की महानवमी को विंध्यधाम में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। चिलचिलाती धूप भी भक्ताें की आस्था को डिगा नहीं पाई। मां के भव्य स्वरूप की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु लालायित दिखे।
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विंध्य दरबार में महाअष्टमी की रात्रि से ही दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गंगा घाटाें पर भी स्नान करने को स्नानार्थियों की भीड़ जुटी रही।

महानवमी पर आस्थावानों ने हाथ में नारियल-चुनरी प्रसाद लिए मंदिर पहुंच कर बड़े ही श्रद्धाभाव पूर्वक मां विंध्यवासिनी देवी के पावन दरबार में शीश नवाया।

दूरदराज से विंध्याचल पहुंचे लाखों दर्शनार्थी माता की भक्ति-भाव में तल्लीन नजर आए।

विंध्य की गलियों में लगी कताराें में खड़े श्रद्धालु माता का जयकारा लगाते हुए धाम की तरफ बढ़े चले जा रहे थे।

विंध्याचल मंदिर में पंहुच कर किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में पहुंच कर मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया। मां विंध्यवासिनी का गुड़हल के फूलाें से किया गया भव्य श्रृंगार एक अलौकिक छटा बिखेर रहा था।
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मंदिर में लगातार घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा व शंख की गूंज से पूरा विंध्यधाम परिसर गुंजायमान हो रहा था।

 माता का विधिवत दर्शन-पूजन करने के बाद श्रद्धालुआें ने मंदिर परिसर में स्थित कई अन्य देवी-देवताआें के मंदिर में पहुंच कर पूजन-अर्चन कर सुख और समृद्धि के लिए कामना किया।

विंध्याचल में कढ़ाही रखकर पूड़ी-हलवा व मां का प्रसाद बनाने में व्रती महिलाएं तल्लीन दिखीं। विंध्यधाम क्षेत्र के कई अन्य मंदिराें में भी पूजन-अर्चन का दौर अनवरत चलता रहा।

 विंध्याचल मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में सुबह से लेकर देर रात तक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालने का क्रम निरंतर चलता रहा।

विंध्याचल में पहुंचे दर्शनार्थियाें की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और पीएसी के साथ ही स्काउट-गाइड एवं विंध्याचल के तीर्थ पुरोहित सुबह से शाम तक पूरी मुस्तैदी से सेवा कार्य में डटे रहे।
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