हलिया के दुर्जनीपुर में एएनएम की हत्या कर लूट के मामले में एक नामजद समेत चार के खिलाफ हत्या और चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एएनएम की हत्या के पीछे उसके एक रिश्तेदार का हाथ बताया जा रहा है। परिवार के लोगाें की मानें तो एएनएम का एक रिश्तेदार से भूमि विवाद चल रहा था। उसने जान से मारने की धमकी भी दी थी।
दुर्जनीपुर निवासी मालती देवी (50) पत्नी रमेश पटेल स्वास्थ्य विभाग में एएनएम थीं। उनकी तैनाती अयोध्या कोरांव इलाहाबाद स्थित मातृ शिशु कल्याण केंद्र पर थी। नवरात्र में वह घर आई थीं। गुरुवार की रात सोते समय बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। जिन कमरों में एएनएम के पति, बेटी तथा बेटे सोए थे, बदमाशों ने उनका दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और लूटपाट कर फरार हो गए। शुक्रवार की भोर में तीन बजे पुत्री श्वेता की नींद खुली तो उसने बाहर से दरवाजा बंद पाया। श्वेता ने कई बार मां को आवाज लगाई लेकिन वह नहीं बोलीं तो भाई राजू से मोबाइल पर फोनकर दरवाजा खोलने के लिए कहा। उसने भी कमरे का दरवाजा बंद पाया। राजू ने पड़ोसी को जानकारी दी तो लोग पहुंचे और दरवाजा खोला। दोनाें मां को खोजने लगे तो वह बिस्तर पर खून से लथपथ मृत मिलीं। घरवालों के अनुसार बक्से में रखा सोने का हार, मंगलसूत्र, कान का झाला, सोने की अंगूठी के अलावा अन्य सामान गायब मिले। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस पर परिवार के लोग नाराज हो गए। कहा कि बगैर उनके रिश्तेदारों के आए शव क्यों भेज दिया गया। तब पुलिस ने शव वापस मंगा लिया। परिवार के लोगों ने शव को मिर्जापुर-रीवां मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। करीब पांच घंटे तक सड़क जाम होने की सूचना पर पहुंचे विधायक भाईलाल कोल, पूर्व विधायक सूर्यभान, सीओ आनंद कुमार, थानाध्यक्ष राजाराम ने परिवार के लोगाें को समझा बुझा कर जाम समाप्त कराया। सीओ आनंद कुमार ने बताया कि एक नामजद समेत चार के खिलाफ हत्या और चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।