सीएचसी पर मंगलवार की दोपहर महिलाआें को नसबंदी के बाद बेड पर सुलाने की बजाय कर्मचारियाें ने जमीन पर लिटा दिया।
इससे महिलाओं के परिवारीजन नाराज हो गए और हंगामा मचाते हुए मामले से सीएमओ को अवगत कराया। जानकारी होते ही सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को फटकार लगाते हुए मरीजाें को बेड पर लिटाने का निर्देश दिया।
सीएमओ के फटकार के बाद अस्पताल कर्मियों ने महिलाओं को बेड पर सुलाने की बजाय बेहोशी की हालत में छुट्टी देना शुरू कर दिया। साथ ही अन्य महिलाआें का बगैर नसबंदी किए ही वापस कर दिया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को 64 महिलाआें का नसबंदी करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया था। जिसमें 45 महिलाओं का चिकित्सकाें ने नसबंदी किया। आपरेशन के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी महिलाओं को बेड पर सुलाने की बजाय जमीन पर लिटा दिया।
इतना ही नहीं चार महिलाआें को वार्ड के बाहर गंदगी में लिटाया गया। जमीन पर महिलाआें के लिटाने की जानकारी होते ही लोगाें ने तत्काल मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरपी गुप्ता को मामले से अवगत कराया। खबर लगते ही सीएमओ ने डाक्टर को फटकार लगाते हुए सभी को बेड पर लिटाने के लिए निर्देशित किया।
अधिकारी की फटकार के बाद चिकित्सक मरीजाें को बेड पर लिटाने की बजाय बेहोशी की हालत में उन्हें छुट्टी देने लगे। यह देखते ही वहां मौजूद महिलाओं के परिवारीजनाें ने हंगामा करना शुरू कर दिया। नसंबदी के लिए बाकी अन्य महिलाओं ने जब आपरेशन करने की बात कही तो कर्मियाें ने केवल उन्हें सूई लगाकर छोड़ दिया। इसके बाद महिलाएं लौट गईं।