भगवान महावीर स्वामी की जयंती पर बृहस्पतिवार को कटरा बाजीराव स्थित दिगंबर जैन मंदिर से शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा इमरती रोड, भैहियाटोला, गणेशगंज, लालडिग्गी, बूढ़ेनाथ, त्रिमोहानी, चौबेटोला होते हुए डंकीनगंज पहुंची। जहां महावीर स्वामी का अभिषेक और पूजन किया गया।
पूजन के बाद आयोजित गोष्ठी में भगवान महावीर के जीवन व आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। संजीव कुमार जैन ने कहा कि चारो तरफ हिंसा का तांडव मचा हुआ था। राग, द्वेष की भावना बढ़ रही थी। आपस में लोगों के बीच शिष्टाचार समाप्त हो रहा था। तब भारत के वैशाली राज्य में अहिंसा के अग्रदूत भगवान महावीर का जन्म हुआ। बचपन से ही उन्होंने अपने आचरण में अहिंसा को अपनाया था। जियो और जीने दो तथा अहिंसा परमो धर्म, ऐसे दो मुख्य उपदेश के आधार पर उन्होंने लोगों को आत्म कल्याण की राह दिखाई। विमल जैन ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए संदेश दिया था। इस दौरान दीपचंद जैन, ऋषभ जैन, पूनम चंद्र जैन, मनोज जैन, भीखम चंद्र सेठिया, अनूप चंद्र, चंद्रहास जैन, अरुण कुमार जैन, डॉ. अभय जैन, पद्म कुमार जैन, चंद्रकांता जैन, सरिता जैन, सारिका जैन, संगीता, माला, ममता, रेनूका जैन, अनिल जैन, राजेश आदि मौजूद रहे।