मिर्जापुर। कछवां थाना क्षेत्र के कनकसराय ईंट भट्ठे पर पांच वर्ष पहले युवक की हत्या कर शव फेंके जाने के मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर मिश्रा ने दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
कछवां थाना क्षेत्र के मझवां गांव निवासी मो. हकीम अंसारी ने थाने में तहरीर देकर बताया कि तीन नवंबर 2018 की रात खाना खाने के बाद घर में सोए थे। रात करीब 10 बजे उनका पुत्र बिस्तर पर नहीं दिखा। भतीजे के मोबाइल फोन से पुत्र को फोन किया, परंतु बात नहीं हो सकी। लगा कि कहीं गया होगा, आ जाएगा। इस बीच चार नवंबर 2018 को कछवां पुलिस को कनकसराय ईंट भट्ठे पर किसी अज्ञात का शव मिलने की जानकारी हुई। जानकारी होने पर वहां गए तो शव उनके पुत्र सद्दाम का था। लग रहा था कि किसी ने उनके पुत्र की हत्या कर शव को ईंट भट्ठे पर फेंक दिया है। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की। विवेचना में कुछ लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने अवधेश चौरसिया और अन्य पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने निर्देश पर प्रभावी पैरवी कराई गई। अभियोजन अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने गवाहों का बयान और साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर मिश्रा ने दोष सिद्ध होने पर अवधेश कुमार चौरसिया निवासी रामापुर पड़ेरी थाना कछवां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर पांच वर्ष के कारावास की सजा भुगतनी होगी।