विजय प्रताप सिंह
पड़री। खरीफ सीजन की दस्तक के साथ ही पहाड़ी ब्लॉक में हिनौती और अपर खजुरी बांध से जुड़ी तीन नहरों में 200 से अधिक स्थानों पर रिसाव से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। रास्ते में बहकर पानी बर्बाद हो रहा है। इससे 25 गांवों में 5000 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई पर संकट है। इससे 12000 से अधिक किसान प्रभावित हैं।
धान की नर्सरी डालने का समय आ चुका है, लेकिन सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। हिनौती बांध से निकली परसनपुर, टेढ़ा और चांदलेवा नहर की लंबाई 40 से 50 किलोमीटर है, तीनों नहरों में करीब 200 से ज्यादा रिसाव वहीं, अपर खजुरी बांध से निकले भरपुरा रजबाहा की 15 वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि नहरों में करीब 200 स्थानों पर सीपेज है और कई जगह तटबंध क्षतिग्रस्त हैं। बांधों से छोड़ा गया अधिकांश पानी खेतों तक पहुंचने से पहले ही नदी-नालों में बह जाता है। जो पानी बचता है, उससे नहर के शुरुआती क्षेत्र के किसानों की ही जरूरतें पूरी हो पाती हैं। (संवाद)
हिनौती बांध से निकली नहर की क्षतिग्रस्त तलहटी।- संवाद।
हिनौती बांध से निकली नहर की क्षतिग्रस्त तलहटी।- संवाद।