लालगंज। तहसील के अधिवक्ताओं को ग्राम न्यायालय के अलग परिसर में संचालित होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम न्यायालय ब्लॉक के भवन में संचालित होने से अधिवक्ताओं को तहसील और ग्राम न्यायालय के बीच लगातार भागदौड़ करनी पड़ती है। वहीं ग्राम न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई अधिवक्ता सड़क के आसपास बैठकर वकालत करने को मजबूर हैं।
अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील परिसर में ही ग्राम न्यायालय के लिए स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए। इससे अधिवक्ताओं और वादकारियों को भी सुविधा होगी। वर्तमान व्यवस्था में एक ही दिन में दोनों परिसरों में काम होने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती है। वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाशपति त्रिपाठी, केदारनाथ शुक्ला, चंद्रदत्त त्रिपाठी और पन्नालाल सिंह ने कहा कि ग्राम न्यायालय तहसील परिसर में नहीं होने से अधिवक्ताओं को दिक्कत होती है। वहीं युवा अधिवक्ता विपिन तिवारी, मनोज दूबे और मिथिलेश पांडेय ने कहा कि ग्राम न्यायालय को तहसील परिसर में ही संचालित किया जाना चाहिए। इससे अधिवक्ताओं के बैठने की समस्या भी दूर होगी और वादकारियों को भी एक ही परिसर में न्यायिक कार्य से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।