इलाहाबाद में साथी की हत्या की घटना के दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं ने कचहरी रोड जाम कर कलेक्ट्रेट एवं एसपी दफ्तर पहुंच कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान अधिवक्ताआें ने मृतक आश्रित को 50 लाख रुपया मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
अधिवक्ता की मौत के दूसरे दिन भी वकीलों में आक्रोश दिखा।
गुरुवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे अधिवक्ता एकजुट होकर दीवानी न्यायालय परिसर से बाहर आए और नारेबाजी करते हुए कचहरी रोड को जाम कर दिया।
करीब दो घंटे तक सड़क जाम करने के बाद वकील जुलूस के शक्ल में एसपी दफ्तर पहुंचे और अंदर घुसने का प्रयास किया। गेट पर पहले से ही फोर्स के साथ मौजूद सीओ नगर प्रवीण यादव ने उनको रोक लिया।
काफी समझाने बुझाने के बाद अधिवक्ता वहां से कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि बुधवार को कोर्ट परिसर में हुई घटना की वह कड़ी निंदा करते हैं।
इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो इस पर विचार करते हुए कोर्ट परिसर में पुलिस समेत अन्य लोगाें पर असलहा ले जाने के लिए पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए।
अध्यक्ष के साथ ही अन्य अधिवक्ताओं ने मृत अधिवक्ता के परिवार को 50 लाख रुपया मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।