मिर्जापुर। मानसूनी बरसात तीसरे दिन भी जारी रही। शनिवार को भोर से शुरू हुई बारिश दोपहर बाद तक जारी रही। लगातार हो रही बारिश कच्चे मकानों के लिए बना खतरा बनी हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में दर्जनों घर और मकान के दीवार गिर पड़े। शहर से लेकर गांव तक केवल पानी ही पानी नजर आ रहा था। रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। लोग रास्ता बदलकर चलने को विवश रहे। जिगना क्षेत्र में लगातार बारिश से मूंग और उर्द की खेतों में पानी लगने से फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के नरोइया, हरगढ, कोलेपुर, नयेपुर, गोडसर सरपत्ती, रैपुरी, नीबी गहरवार सहित कई स्थानों पर जल जमाव के कारण लोगों चलना मुश्किल हो गया है। हलिया क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से लोगों को जगह-जगह जलभराव का सामना करना पड़ रहा। असिंचित क्षेत्रों में मक्का, ज्वार, उड़द, तिल्ली, अरहर, सहित खरीफ की फसलों की बुआई प्रभावित हो गई है। पड़री क्षेत्र में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क तथा रेलवे अंडरग्राउंड पुल में पानी भर जाने से पड़री चंडिका मार्ग, मोहनपुर कनौरा मार्ग और सिंधोरा वेलवन आदि प्रमुख मार्ग पर जगह-जगह पानी भरा रहा। तीन से चार फीट तक लगे पानी से ब्लाक मुख्यालय, पड़री बाजार, बैंक, अस्पताल आदि पहुंचने के लिए लोगों को काफी कठिनाइयों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। चुनार नगरपालिका क्षेत्र के दरगाह शरीफ से महुवरिया, बहरामगंज से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। लालगंज क्षेत्र में गंगासागर गांव निवासी उदल यादव और रामसुंदर कोल और पतेर गांव निवासी रामपति निषाद के घर की दीवार गिर गई। रामपति निषाद की घर की दीवार ढह गई पास ही खड़ी बाइक दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। जमालपुर क्षेत्र के हसौली के मचखानी में शनिवार की दोपहर बाद बरसात से भोला बियार का कच्चा मकान गिर पड़ा। जिससे गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। संयोग था कि आधा घंटे पहले गृहस्वामी परिवार सहित मकान से बाहर निकल आया था।
पानी से डूब गया बकहर नदी का पुल, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा
पटेहरा। भीषण बारिश के चलते बकहर नदी में पुल के ऊपर पानी का बहाव तेज होने से मड़िहान तहसील मुख्यालय से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया। कलवारी रैकरा मार्ग शनिवार की सुबह से बाधित रहा। बकहर नदी पर पुल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए ग्रामीण कई बार मांग कर चुके लेकिन समस्या जस का तस बना हुआ है। पुल पर पानी बढ़ने से जुड़िया, बगहवा, रैकरा, मुर्तिया, उभ्भा, इमलीपोखर आदि गांव के ग्रामीणों का आनाजाना बंद हो गया है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
पुल के नीचे भरा पानी, ईंट-पत्थर रखकर ट्रैक आर-पार कर रहे बाइक सवार
जमुई। चुनार तहसील क्षेत्र के जमुई रेलवे पुल के नीचे पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। चुनार तहसील, सीएचसी और नरायनपुर ब्लाक के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को चार किलोमीटर के लिए 10 किलोमीटर दूर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए बाइक पुल से 200 मीटर आगे से रेलवे लाइन ट्रैक के अगल-बगल ईंट और पत्थर रखकर आरपार कर रहे हैं, जिससे किसी बड़ी की आशंका बनी हुई है।
बारिश से डूबीं धान की नर्सरियां
शेरवां। झमाझम बारिश से क्षेत्र में डाली गई धान की नर्सरी पानी में डूब गई है। सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बुधवार की शाम को शुरू हुई बारिश शनिवार को भी होती रही। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से धान की नर्सरी डूब जाने से किसानों के सामने समस्या खडी हो गई है। जिन किसानों ने पहले ठर्रा विधि से धान की नर्सरी डाले थे उन्हें लेव लगा कर नर्सरी डालनी पड रही है। कंचनपुर के किसान श्री पति उपाध्याय ने बताया कि हजारों रुपये खर्च करके दो जून को अगैती और जीआर 32 धान की नर्सरी डाली थी, जो डूब गई है। अब एक बार फिर से धान की नर्सरी डालनी पड़ेगी। सेमरां के किसान गोपीनाथ मौर्य ने बताया कि एक बीघा में नेनूआ की खेती की थी। खेत में जलभराव से नेनूआ खेत में ही सड़ने लगा है।