मिर्जापुर सिविल जज सीनियर डिविजन लवली जयसवाल ने 52 साल से चल रहे एक मुकदमे को उच्च न्यायालय से निरस्तीकरण का आदेश आने के बाद खारिज कर दिया। यह फैसला उन्होंने 24 दिसंबर को सुनाया।
सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज तहसील में एक तालाब के भीठे पर कब्जे को लेकर राज्य सरकार बनाम प्रेमनाथ आदि में दीवानी न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। विपक्षी मिर्जापुर न्यायालय के द्वारा जारी आदेश के विरोध में उच्च न्यायालय चले गए। उच्च न्यायालय ने दाखिल वाद के आधार पर स्थगन आदेश दे दिया। तब से मामला न्यायालय में लंबित चल रहा था।
20 नवंबर 2020 को जांच के बाद बताया गया कि जमीन को विपक्षियों से खाली करा लिया गया है और इस समय राज्य सरकार के कब्जे में है। इस कारण वाद आगे चलाए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
डीएम सोनभद्र के पत्र के बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन लवली जायसवाल ने उच्च न्यायालय को पत्र भेजा। उच्च न्यायालय ने बताया कि 12 अक्तूबर 1979 के स्थगन आदेश को निरस्त किया जा चुका है। इसके बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन ने 52 साल से चल रहे जमीन के विवाद को खत्म कर दिया।