विजयगढ़ दुर्ग स्थित वह तालाब जिसके नामकरण और उसके किनारे स्थित मजार जिसकी वैधता पर उठ रहे हैं स
सोनभद्र। प्रसिद्ध उपन्यास चंद्रकांता के जरिए सुर्खियों में आए तिलस्मी दुर्ग विजयगढ़ इन दिनों किले में स्थित तालाब किनारे बनी मजार को लेकर चर्चा में है। यहां स्थित तालाब का नाम मिरन सागर है या किरन सागर, इससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्य जांचने के निर्देश सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से दिए गए हैं। सीएम के निर्देश पर तालाब किनारे बनाई गई मजार (मिरन शाह) की भी वैधता जांचने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। नवागत डीएम ने भी टीम को जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सच्चाई जांचने के लिए एएसआई (आर्केलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया) की भी मदद ली जा सकती है।
प्रामाणिकता के पेंच के चलते टल चुका है उर्स
पिछले कई साल से दुर्ग पर 15 अप्रैल को उर्स का आयोजन किया जाता था। इस बार भी इसकी घोषणा की गई थी लेकिन स्थल की प्रामाणिकता क्या है? इस बात को लेकर फंसे पेंच के चलते परमिशन नहीं मिल पाई। उर्स का आयोजन करने वाली कमेटी की तरफ से भी इसकी बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई। सिर्फ यहीं कहा गया कि परमिशन नहीं मिल पाई है लिए इसलिए उर्स के कार्यक्रम को स्थगित किया जाता है।
जांच के लिए टीम गठित है। संबंधितों को जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान जो भी स्थिति सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। - चर्चित गौड़, डीएम।
फिलहाल पारिवारिक कार्य से अवकाश पर हैं। अगर कोई जानकारी सामने आती है या किसी तरह की जानकारी मांगी जाती है तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - संजय सिंह, डिप्टी सुप्रीटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट, सारनाथ।