मिर्जापुर। हलिया थाना क्षेत्र के केड़वर गांव में महिला के मौत मामले में आरोपी के जमानत की सुनवाई करते हुए जिलाजज लालचंद गुप्ता ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दिया।
क्षेत्र निवासी महिला प्रीति का 23 मई को गला रेतने से मौत हो गई थी। उसके साथ उसका प्रेमी भी अपना गला रेत लिया था। महिला की मौत के बाद 28 जुलाई को प्रीति का भाई राजकुमार कोल ने थाने में तहरीर देकर ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। मामले की विवेचना कर रही पुलिस ने मृतका प्रीति के प्रेमी संतोष उर्फ कृपाशंकर को गिरफ्तार कर लिया। कृपाशंकर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत की गुहार लगाया। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि कृपाशंकर निर्दोष है। उसका अपराध से सरोकार नहीं है। उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में भी नाम दर्ज नहीं है। पुलिस की सांठ-गांठ से इसका नाम आया है। जमानत का विरोध कर रहे अधिवक्ता ने कहाकि मामले की विवेचना में आया कि संतोष उर्फ कृपाशंकर ने चाकू से अपनी प्रेमिका प्रीति का गला काटने के बाद स्वयं का गला काट कर आत्महत्या का प्रयास किया था। मामले में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और अधिवक्ता की दलील पर जिलाजज लालचंद गुप्ता ने जमानत निरस्त कर दिया।