मिर्जापुर-रमईपट्टी कनौराघाट मार्ग पर खजुरी के पास नदी में अंदर तक अतिक्रमण कर डाला गया नींव।-सं
मिर्जापुर। जन सहभागिता से खजुरी नदी के जीर्णोद्धार के बावजूद प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने से जगह-जगह अतिक्रमण से नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। आलम यह है कि कहीं नदी के तलहटी में उतर कर पक्का निर्माण कराया जा रहा तो कहीं पर लोग नदी में खेती-बाड़ी कर रहे हैं।
लोवर वियर खजुरी से बरकछाकला, शाहरपुर चौसा, बरजी मुकुंदपुर, रायपुर पोख्ता, कतरन, भेवरकरमनपुर, राजपुर, दुल्लहपुर, देवापुर पचवल, चेरुईराम, दुुल्ल्हपुर, हरिहरपुर बेदौली, महेवा, खजुरी, बीरशाहपुर, बढ़ौली, माधोपुर, बेदौली व भटौली व भटौली तक लगभग 16 किलोमीटर तत्कालीन जिलाधिकारी ने इस साल जन सहभागिता से नदी का जीर्णोद्धार कराया था। इस अभियान में मनरेगा मजदूरों के साथ तटवर्ती गांवों के ग्राम प्रधानों ने अपना श्रमदान किया था। समय-समय पर निरीक्षण के दौरान जगह-जगह सकरी नदी और खेती बाड़ी को लेकर जिलाधिकारी ने नदी की पैमाइश कराकर अतिक्रमण मुक्त कराए जाने के निर्देश दिए थे। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर महेवा और खजुरी के मध्य पुल के पास एक व्यक्ति के द्वारा नदी में घुसकर डाले गए नींव को हटाए जाने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी के स्थानांतरण के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बारिश के बाद नदी में पानी कम होते ही नदी से सटे जमीनों पर लोग फिर से अतिक्रमण कर खेती बाड़ी शुरू कर दिए हैं। बीडीओ सिटी मुनीष कुमार सिंह ने कहा तहसील प्रशासन को अतिक्रमण हटाना था। अतिक्रमण नहीं हटा है तो फिर से संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा।