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Mirzapur News: एवरेस्ट फतह के लिए काजल को मदद की दरकार

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एवरेस्ट फतह के लिए काजल को मदद की दरकार। - फोटो : सोशल मीडिया
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अदालहाट। जिले की पर्वतारोही काजल पटेल ने कई चोटियों पर तिरंगा फहराया है। वह माउंट एवरेस्ट फतह करना चाहती है लेकिन धन के अभाव में वह अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रही। इससे काजल दुखी है। उसे मदद की दरकार है ताकि वह देश का नाम रोशन कर सके।
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लद्दाख की 18 हजार फीट ऊंची चोटी पर तिरंगा फहरा चुकी काजल ने आल इंडिया बेस्ट कैडेट का अवार्ड भी हासिल किया है। उसका सपना है कि वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा झंडा लहराए, लेकिन सरकारी और गैर सरकारी मदद की आश में पूरा नहीं हो पा रहा।
क्षेत्र के हिनौती माफी गांव निवासी किसान संतराम सिंह की बेटी राम ललित सिंह महाविद्यालय कैलहट में एमएससी की छात्रा है। काजल ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए पांच साल पहले विशेष ट्रेनिंग ली थी लेकिन पैसा जमा नहीं कर पाई।
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इस कारण एशियन ट्रैकिंग कंपनी ने काजल को एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने से रोक दिया था। अथक प्रयास के बाद भी धन की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।
पर्वतारोही काजल का उम्मीद टूट गई। केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने भारत सरकार और खेल मंत्रालय के प्रयास से काजल को प्रशिक्षण कोर्स के लिए नामित किया गया था।
विभिन्न प्रांतों से चुने गए 20 सदस्यों को अरुणांचल प्रदेश में संचालित माउंड एवरेस्ट के चढ़ाई की विशेष ट्रेनिंग में बेस्ट कैडेट का अवार्ड मिला था। इसके बाद उसने पर्वतारोही बछेंद्री पाल से भी टिप्स लिए थे। काजल ने बताया कि पहाड़ की चोटी तक पहुंचना रोमांचकारी अनुभव है। नई ऊंचाइयों को छूने से उपलब्धि का एहसास होता है।
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