मिर्जापुर। न्यायालय के आदेश के बावजूद धोखाधड़ी के मामले में जांच रिपोर्ट और केस डायरी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल सिंह ने उपनिरीक्षक फूलबदन यादव के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही उन्हें नौ जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल सिंह की अदालत की ओर से जारी आदेश के अनुसार आवेदक अभयराज सिंह ने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। बताया कि शहर कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में वह वादी हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आज तक न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया। आवेदन के संबंध में 25 मई 2026 और 29 जून को शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक फुलबदन यादव से प्रगति आख्या और केस डायरी मांगी गई थी, लेकिन न्यायालय के समक्ष न तो प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई और न ही केस डायरी। न्यायालय ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए पदीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही का द्योतक माना। आदेश में कहा गया कि न्यायालय के दोनों आदेशों की जानबूझकर अवहेलना की गई है। इसलिए उपनिरीक्षक फुलबदन यादव के विरुद्ध न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के संबंध में प्रकीर्ण वाद दर्ज किया जाता है। न्यायालय ने उपनिरीक्षक फुलबदन यादव को निर्देश दिया कि वह नौ जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे तक न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के दृष्टिगत उन्हें दंडित क्यों न किया जाए।