छिटपुट विरोध, बहिष्कार, विरोध, ईवीएम की खराबी और तमाम वोटरों मतदाता सूची से नाम कटने के बावजूद मतदाओं ने लोेकतंत्र के उत्सव को महोत्सव में बदल दिया। पोलिंग बूथों पर शाम तक वोटरों की कतार लगी रही। शाम तक पांच विधानसभा सीटों के लिए 63.56 फीसदी का रिकार्ड मतदान हुआ। सबसे ज्यादा 70.18 फीसदी वोट मडिड़ान में डाले गए। उत्साह का आलम यह कि सुबह मतदान शुरू होते ही झमाझम वोट गिरने लगे। दोपहर में वोटिंग की रफ्तार कुछ सुस्त पड़ी। जमालपुर के जमुडी और हलिया के लहुरियादह में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। लहुरियादह में ढाई बजे के बाद मतदान हुआ लेकिन जमूड़ी में तो महज तीन वोट ही पड़े।
मड़िहान में आरक्षित कर्मचारियों की टीम ने एसडीएम का घेराव किया। लगभग एक दर्जन जगहों पर वोटिंग मशीनों की खराबी से वोटिंग में देर हुई। मतदाता सूची में नाम गायब होने के कारण कई जगह हंगामा भी हुआ। इन छिटपुट घटनाओं के अलावा मतदान शांतिपूर्ण रहा। युवाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी वोट डालने पहुंचे। नक्सल प्रभावित शेरवां, जमालपुर, राजगढ़, मड़िहान में भी शांतिपूर्वक मतदान किया गया। मड़िहान में मतदान में ज्यादा ही उत्साह दिखा। जिले में सबसे कम 60.43 फीसदी मतदान चुनार में हुआ। बूथोंे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।