मिर्जापुर। हथिया नक्षत्र लगने से अक्तूबर महीने के पहले सप्ताह से ही मौसम मानसून जैसा हो गया है। शुक्रवार सुबह से जिले में लगातार बारिश हो रही है। जो देर रात तक जारी रही। तेज बारिश होने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की कमी हुई है। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की कमी हुई है। मौसम बदलने से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, तो किसानों के चेहरे खिल गए हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
चार साल पहले भी विजय दशमी को बिगड़ा था मौसम
जनपद में चार साल पहले विजय दशमी को मौसम बिगड़ा था। उस साल भी नवमी तिथि से मौसम में बदलाव हुआ था। उसके बाद से तीन दिन तक लगातार तेज बारिश हुई थी। ठीक उसी तरह इस साल भी नवमी तिथि से मौसम में बदलाव हुआ है।
सड़कों पर हुआ जलभराव
तेज बारिश के कारण सड़क की पटरियों और गड्ढायुक्त सड़कों पर जगह-जगह पानी भरा गया। पक्कापोखरा से रमईपट्टी कनौराघाट मार्ग कीचड़ से सन गया। राहगीरों को आवागमन में परेशानी हुई। मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रविशंकर सिंह व तकनीकी अधिकारी मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि दो से तीन दिनों तक इसी तरह से मौसम बना रहेगा। शनिवार को तेज बारिश की संभावना है।
हथिया नक्षत्र में बारिश से धान की फसल का होता संपूर्ण विकास
बारिश से विशेषकर किसानों को फायदा है। ज्यादातर खेतों में धान की बालियां फूट चुकी हैं। खेतों में पानी की आवश्यकता थी। हथिया (हस्त नक्षत्र) में एक हफ्ते तक मौसम मानसून जैसा रहता है। पड़री गांव के किसान शशिप्रकाश सिंह, कृपाशंकर पटेल ने बताया कि सुबह से हो रही बारिश ने जहां एक ओर अगैती धान, बाजार, तिल की फसलों पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। वहीं, हवा चली तो फसल गिर जाएंगे। इसका असर पैदावार पर पड़ सकता है।
तेज हवा चलेगी तो फसल को होगा नुकसान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि तेज हवा चलेगी तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। बारिश से रबी फसलों में चना, मटर, आलू बोआई के लिए किसानों को पलेवा करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। तेज बारिश और हवा से ज्वार, बाजरा, तिल, उर्द की फसल के लिए नुकसान साबित हो सकता है।