लालगंज। फोरलेन में मकान जाने के बाद मुआवजा के लिए दावा पेश करने वाली नदनी गांव की केशरी देवी ने कलेक्ट्रेट परिसर में फंदे से लटकने का प्रयास कर चुकी है। इस मामले में एसडीएम लालगंज ने जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है।
नदनी गांव निवासिनी केशरी देवी अपने पति मुन्ना लाल से अलग रहती है। केशरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन में मकान को अधिग्रहित किए जाने के बाद मुआवजा के लिए दावा किया था। केशरी का कहना है कि मकान उसका है और मुआवजा राशि उसको मिलना चाहिए। वहीं मुआवजा राशि निर्माणाधीन कार्यदायी संस्था ने उसके पति के नाम बना रखा है। चर्चा तो यह है कि केशरी देवी 2013 से लेकर 2019 तक गाजीपुर के बहरियाबाद गांव रहती थी। लंबे अरसे से वह पति से दूर रह रही थी । पति पत्नी के संबंधों में एक दूरी आ चुकी थी। गांव वालों का कहना है कि इस आधार पर मकान मुन्ना लाल का ही है। जब केसरी देवी को यह पता चला कि मकान फोरलेन सड़क में अधिग्रहित किया जा चुका है और उसका पैसा मिलेगा तो वह मुआवजे की राशि के लिए अपना दावा जताने आ गई। इसके लिए उसने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने फंदे से लटकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। इस विवादित प्रकरण में जिलाधिकारी ने लालगंज तहसील प्रशासन को मामले को सत्यापित कर आख्या देने का आदेश दिया था। इस संबंध में तहसीलदार ओमप्रकाश पांडेय ने अपनी रिपोर्ट भेज दी थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी जंगबहादुर यादव ने भी अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।