इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम के तहत किसी मरीज के आने पर उसका सभी विभागों के समन्वय से बेहतर इलाज करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। अगर किसी को सर्जरी की जरूरत हुई, जांच करवानी पड़ रही है तो उसको इमरजेंसी में ही एक टीम रहेगी, जो उसकी सर्जरी, जांच आदि करेगी।
क्रिटिकल केयर मेडिसिन के विशेषज्ञ और आयोजन सचिव प्रो. बिक्रम गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला में अस्पतालों में इमरजेंसी सर्विस को पहले से और बेहतर बनाने की दिशा में मंथन में एक नया प्रोटोकॉल बनाए जाने पर सहमति बनी है। इसको स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसी को इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम नाम दिया गया है। इसके तहत अस्पतालों से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसी सिस्टम के तहत टेली आईसीयू को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
इमरजेंसी क्रिटिकल केयर एंड ऑपरेटिव का तैयार होगा नेटवर्क
इमरजेंसी क्रिटिकल केयर एंड ऑपरेटिव को लागू करने के लिए नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें आईएमएस बीएचयू भी पूरी तरह भागीदारी करेगा। देश में इस समय 14 चिकित्सा संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिला है। 15वां सेंटर आईएमएस बीएचयू को बनाया जाए, इस दिशा में एक कमिटी बनाकर प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाएगा। प्रो. बिक्रम गुप्ता ने बताया कि आईएमएस बीएचयू सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग बनाए जाने पर भी सहमति बनी है।