मादक पदार्थ बेचने के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध बंदी की मंगलवार को तबीयत खराब होने पर मंडलीय अस्पताल में उपचार कराया गया था। जिसके बाद उसे वापस जिला कामगार ले जाया गया। बुधवार की सुबह तबीयत खराब होने पर वापस मंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने डॉक्टर पर मंगलवार को इलाज में लापरवाही बरतने जेल में पिटाई के चलते मौत होने का आरोप लगाया। साथ ही पुलिस पर फर्जी मामले में जेल भेजने का आरोप लगाया।
क्या है पूरा मामला
चील्ह निवासी हिमांशु सिंह ने बताया कि पिता ननकू सिंह (58) को चील्ह पुलिस ने हेरोइन बचने के फर्जी मामले में जेल भेज दिया था। जेल में बंद होने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई। जिला कारागार से उनको मंडलीय अस्पताल लेकर आया गया। मंडलीय अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बाद जेल के लोग उनको लेकर जिला कारागार चले गए। भर्ती नहीं कराया गया।
बुधवार की सुबह मंडलीय अस्पताल लेकर आए। सूचना दी गई की उनकी मौत हो गई है। आरोप लगाया कि एक तो पुलिस ने उनको हेरोइन बेचने के फर्जी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा। जेल में तबीयत खराब होने पर अस्पताल लाने पर उनका सही उपचार नहीं कराया गया।
जिला कारागार ले जाने के बाद उनकी पिटाई की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। शरीर पर चोट के निशान हैं। परिजनों के हंगामा करने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन डॉक्टर व जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा ने बताया कि जेल में बंद एक बंदी की मौत हुई है। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारण का पता चल सकेगा।