यातायात पुलिस ने देहात कोतवाली क्षेत्र के भरूहना चौराहे के पास से चेकिंग के दौरान मंगलवार की दोपहर में एक इंडिका को पकड़ा। उसमें से 18 लाख रुपए बरामद किए और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ उसने बताया कि रकम शराब बिक्री की है, जिसे मिशन कंपाउंड स्थित आईसीआईसी बैंक में जमा करने जा रहा था। असलियत पता चलने पर रुपये लौटा दिए गए।
यातायात प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह सुबह मिर्जापुर वाराणसी मार्ग पर भरूहना के पास वाहन चेकिंग कर रहे थे। दोपहर में सिल्वर कलर की एक इंडिका रमईपट्टी की ओर से आते हुए दिखाई दी।रुकने का इशारा किया तो चालक जीडी बिनानी कॉलेज के पास से गाड़ी मोड़ कर तहसील की ओर भागने लगा। संदेह होने पर उन्होंने पीछा किया और शुक्लहा तिराहे के पास घेराबंदी कर गाड़ी को पकड़ लिया। वाहन की तलाशी कराई तो 18 लाख रुपये बरामद हुए।
रुपया मिलते ही वाहन में सवार मनदीप सिंह निवासी भरूहना चौराहा व चालक को हिरासत में ले लिया। मामले से पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी को अवगत कराया तो उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक नगर आशुतोष शुक्ला को मौके पर भेजा। एएसपी ने मनदीप से भरूहना चौकी पर ले जाकर पूछताछ की तो पता चला कि बरामद रुपया किवी वाइन प्राइवेड लिमिटेड का है, जो शराब बिक्री से मिले हैं। वे उसे आईसीआई बैंक मिशन कंपाउंड में जमा करने जा रहे थे। मनदीप ने अपने कुछ अधिकारियों को बुलाया। कागजात दिखाने पर पैसा छोड़ दिया गया।
मनदीप का बयान किसी के गले नहीं उतर रहा था। उसका कहना था कि शराब की बिक्री से पैसा मिला था। जिसे आईसीआई बैंक मिशन कंपाउंड में जमा करने जा रहा था लेकिन जिस समय पुलिस हिरासत में लिया गया उस समय वह बैंक की ओर से ही आ रहा था। सवाल उठता है कि उसने पैसे क्यों नहीं जमा किए। पकड़े जाने पर उसने नोटों की गड्डी को पहले मोबाइल फोन क्यों बताया? उसे खोलने को कहा गया तो डरकर स्वीकार किया वह रुपयों की गड्डी है। इससे पुलिस को संदेह हुआ। काफी देर तक पुलिस वाले उसकी बातों पर माथापच्ची करते रहे।