राजगढ़ में निर्माणाधीन राजकीय माॅडल स्कूल जो सात साल में भी बन नहीं सका।
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राजकीय मॉडल स्कूलों के निर्माण में कार्यदायी संस्थाओं और विभागों की लापरवाही भारी पड़ रही है। विगत वर्ष 2011 में काम शुरू होने के सात साल बाद भी आज तक स्कूल भवनों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते आज तक स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई और बच्चे बेहतर शिक्षा से वंचित हैं। हालांकि विभाग ने कार्यदायी संस्थाओं को पूरा बजट आवंटित कर दिया है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए जिले में भोजपुर पहाड़ी, बैरमपुर राजगढ़ और महामलपुर कछवां में वर्ष 2009-10 में राजकीय मॉडल स्कूल दिया गया। स्कूल के निर्माण के लिए प्रति विद्यालय शासन द्वारा दो करोड़ 92 लाख रुपया जारी किया गया है। इन स्कूलों का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस द्वारा आरंभ किया गया, जो सात वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
हांलाकि बैरमपुर राजगढ़ में काम धीमी गति से होने के कारण सहायक वित्त व लेखाधिकारी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान संतोष कुमार तिवारी सीएंडडीएस के सहायक अभियंता पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं और बजट का दस लाख रुपया भी जारी नहीं किया है। बावजूद इसके आज तक चार कमरों की छत तक नहीं पूर्ण हो सकी है। बता दें कि राजगढ़ के बैरमपुर में राजकीय मॉडल विद्यालय का निर्माण हो रहा है, लेकिन विगत कई माह से कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है।