शास्त्री ब्रिज पर पसरा अंधेरा फोटो, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। नगर पालिका क्षेत्र के 38 वार्डों में लगीं 9225 स्ट्रीट लाइटों में से 16 सौ से ज्यादा खराब हैं। दीपावली पर्व में जहां लोग घरों का कोना-कोना रोशन करने में जुटे हैं, वहीं गलियों में अंधेरा छाया है। इस कारण शाम होते ही महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। अंधेरा होने के कारण गलियों में अराजक तत्वों का जमावड़ा लग रहा है। रमईपट्टी वार्ड की घूरन गली, विंध्यपुरी कॉलोनी व देहात कोतवाली रोड की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इसमें कई स्ट्रीट लाइटें महीने भर से खराब है। न तो उनकी मरम्मत हो रही है न ही बदला जा रहा है। संकटमोचन वार्ड में पंखेवाली गली की लाइट खराब है। पदारथ लाल की गली के साथ ही मुख्य मार्ग की भी कई लाइटें बंद हैं। पुरानी दशमी, चंद्रदीपा वार्ड, बसही, सबरी व अन्य कई क्षेत्रों में कई स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। चंद्रदीपा वार्ड के सभासद विनोद यादव ने बताया कि वार्ड की यादव बस्ती, सोहता अड्डा, कृष्णानगर आदि जगहों की लाइटें बंद हैं। जंगी रोड पर पेट्रोल पंप के पास से लगी लाइटें भी बंद हैं।
अलग-अलग ब्रांड को भी लेकर आ रही है समस्या
लाइटों की मरम्मत में अलग-अलग ब्रांड को भी लेकर समस्या आ रही है। जिस कंपनी को टेंडर मिला है उनके अधिकारियों का कहना है कि जिन लाइटों को हमारी कंपनी ने लगाया है उसकी मरम्मत या बदलने का काम तो हम कर रहे हैं। हमें टेंडर मिलने से पहले जो लाइटें लगाई गईं हैं उनकी मरम्मत नहीं हो सकती है। इस कारण उसे बदलने का प्रस्ताव दिया गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जी लाल ने बताया कि पथ प्रकाश प्रभारी का स्थानांतरण हो गया है। नए पथ प्रकाश प्रभारी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जल्द ही सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करा दी जाएगी।
पुलों पर भी छाया अंधेरा
शहर को अन्य जिलों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पुलों पर भी अंधेरा है। मिर्जापुर को जोड़ने वाला शास्त्री पुल अंधेरे में है। यदि वाहनों की रोशनी न हो तो पुल अंधेरे में डूबा रहता है। पुल पर प्रकाश व्यवस्था के लिए कई बार लाखों रुपये खर्च किया जा चुका है। फिर भी स्थिति जस की तस है। जिगना को प्रयागराज से जोड़ने वाला पुल, संगमोहाल फ्लाईओवर, भटौली गंगा पुल सभी जगहों पर रात में अंधेरा रहता है।
एक महीने पहले जगमग, आज फिर छाया अंधेरा
मिर्जापुर। लगभग एक महीने पहले अंधेरे में डूबे विंध्य क्षेत्र को शारदीय नवरात्र से पहले जगमग किया गया था। नवरात्र बीतने के तुरंत बाद फिर से विंध्य क्षेत्र अंधेरा छा गया है। पुरानी वीआईपी, कालीखोह, अष्टभुजा, सीताकुंड में नवरात्र के दौरान हर समय उजाला रहता था। नवरात्र मेले के बीतते ही फिर से अंधेरा छाया है। विंध्याचल में हर समय दर्शनार्थियों का आवागमन होता है। मुख्य मंदिर के रास्ते पर भी अंधेरा छाया है।