मिर्जापुर। नौ दिनों तक मां दुर्गा के जयकारों से गूंजने वाले पूजा पंडाल प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद सूने पड़ गए। शहर से लेकर गांवों तक बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कई स्थानों पर मंगलवार को भी प्रतिमाओं को विदाई दी गई। गाजे-बाजे और डीजे की धुन पर मां के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु विसर्जन यात्राओं में शामिल हुए। विदाई के समय कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। डीजे पर बज रहे विदाई गीत ‘कैसे करी हम बिदाई, हमनी के छोड़ के नगरिया नु हो, कहां जयबू ए माई…’ ने भक्तों को भावुक कर दिया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ मां को विदाई दी।
मिर्जापुर शहर के वासलीगंज, रामबाग, सिविल लाइन, इमामबाड़ा, लाडिग्गी, गणेशगंज, नारघाट, बल्ली का अड्डा, आवास विकास, घंटाघर और तेलियागंज सहित विभिन्न मोहल्लों से मां दुर्गा की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए निकाली गईं।
पटेहरा क्षेत्र में मंगलवार से शुरू हुआ विसर्जन
पटेहरा क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला मंगलवार से शुरू हुआ। अमोई और मझारी के पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का विधि-विधान से मड़िहान के चुनरी बांध में विसर्जन किया गया। वहीं, बुधवार को पटेहरा, ककरद समेत अन्य स्थानों की प्रतिमाओं का सिरसी बांध में विसर्जन किया गया।
जिगना क्षेत्र में 150 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन
जिगना क्षेत्र में 150 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सोमवार शाम और मंगलवार को हवन-पूजन, आरती, कन्या पूजन और प्रसाद वितरण के बाद विजयपुर, भटेवरा, गाजीपुर, बिहसड़ा कला, सुमतिया, गोनौरा, खैरा, फुलवरिया और मुराजपुर समेत विभिन्न गांवों की प्रतिमाओं का कर्णावती नदी और तालाबों में विसर्जन किया गया। बिहसड़ा बाजार में मां विंध्यवासिनी सेवा समिति की ओर से 51 कन्याओं का पूजन किया गया।
कुशहा स्थित कर्णावती नदी पर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, नायब तहसीलदार गरिमा यादव, राजस्व निरीक्षक विजय शंकर चौधरी समेत पुलिस और राजस्वकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहे। वहीं, तिलई मौआर गांव में भी बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का परवा गांव के तालाब में विसर्जन किया गया। इस दौरान पुजारी राजमणि शुक्ला, अनिल शुक्ला, पंडित सतीश तिवारी, उमेश शुक्ला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चुनार में मंगलवार को हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन
चुनार नगर के गंगेश्वरनाथ, सर्राफा बाजार, गोला बाजार, सद्दूपुर, मोहाना, बालूघाट, मोची टोला, बहरामगंज, दुमदुमा, रेलवे कॉलोनी, ऐबकपुर, चकईपुर, सरैया सिकंदरपुर और रैपुरियां समेत विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का मंगलवार को विसर्जन किया गया।
एसडीएम अनेग सिंह के निर्देश पर नगर पालिका की ओर से गंगाघाट पर बालू में गड्ढा खोदकर पानी भरवाया गया।
कछवां में गाजे-बाजे के साथ निकलीं शोभायात्राएं
कछवां क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद बुधवार को सरावां, मझवां, गोधना समेत दर्जनों गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। विदाई के समय भक्तों की आंखें नम हो गईं।
विशुनपुर और पचोखरा में भी प्रतिमाओं का विसर्जन
भावां। मड़िहान तहसील क्षेत्र के विशुनपुर और पचोखरा गांव में विजयादशमी के अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भव्य विसर्जन किया गया। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। पूजन-अर्चन के बाद गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर आने की कामना की। विसर्जन के दौरान पुलिस मौजूद रही।
चेतना सरोवर में विसर्जित की गई प्रतिमा
चेतगंज। विकासखंड कोन क्षेत्र के चेतगंज बाजार में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का बुधवार शाम पांच बजे चेतना सरोवर में विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में लल्ला अग्रहरी, प्रवेश अग्रहरी, ग्राम प्रधान दिनेश अग्रहरि, अखिलेश गुप्ता, ओम मोदनवाल और लवकुश अग्रहरी समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे।
लालगंज क्षेत्र में 70 प्रतिमाओं का विसर्जन
लालगंज। लालगंज क्षेत्र में बृहस्पतिवार को करीब 70 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। लालगंज बाजार में प्रतिमाओं का नगर भ्रमण देर रात तक चलता रहा। दुबार कला, बरकछ, कोटा घाट, तिलांव, पतार कला, थरपरसिया, उसरी, पतुलकी, राजापुर, गगहरा, कंजड़ बस्ती और कठवार सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं का निर्धारित स्थलों पर विसर्जन किया गया।
नवमी पर जगह-जगह हुआ कन्या पूजन, देवी जागरण में झूमे श्रद्धालु
सक्तेशगढ़।
शारदीय नवरात्र की नवमी पर राजगढ़ विकासखंड के सक्तेशगढ़, रामपुर सक्तेशगढ़, जौगढ़, लालपुर, बलुआ बजाहुर, गोल्हनपुर और कुंबा तरंग सहित आसपास के गांवों में नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनके पैर धोए, तिलक लगाया और हलवा, पूड़ी, चना सहित विभिन्न पकवानों का प्रसाद ग्रहण कराया। इसके बाद दक्षिणा और उपहार देकर उनका सम्मान किया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।