संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में रविवार को कई स्थानों पर हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अलग होने से हमारी पहचान समाप्त हो जाती है लेकिन हम संगठित रहकर अपनी शक्ति को बढ़ा सकते हैं। नगर, लालगंज, अदलहाट, जिगना सहित कई जगहाें पर हिंदू सम्मेलन का में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
नगर के अनगढ़ रोड स्थित एक लॉन में सकल हिंदू समाज अनगढ़ बस्ती की ओर से सम्मेलन हुआ। हिंदू समाज के नन्हे मुन्नों ने नाट्य मंचन व हनुमान चालीसा का पाठ किया। मुख्य वक्ता युद्धवीर, रामसुंदर दास बाबा, अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह डंग, चंद्रलेखा, प्रेम कुमार सोनकर, श्याम आदि ने भगवान राम व भारत मां के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम शुरू किया।
क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर ने कहा कि जो लोग अपनों के बीच में भेद करते हैं, उनका सम्मान कोई नहीं करता। भूपेंद्र सिंह डंग, रजत प्रताप, विभाग मार्ग प्रमुख शिवनारायण, इंद्रजीत शुक्ला, रामकृष्ण, नगर प्रचारक अंजनी, डाली अग्रहरि आदि उपस्थित रहे। संचालन जुबिली कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य राजेंद्र तिवारी ने किया।
लालगंज : दुबार कला रामलीला प्रांगण में आयोजित हिंदू सम्मेलन में भारतीय संस्कृति की वैदिक परंपरा, राष्ट्रभाव और सामाजिक समरसता पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला प्रचारक रजत ने कहा कि भारतीय संस्कृति त्याग, सहयोग और विश्वास पर टिकी है। इसी समन्वयकारी दृष्टि के कारण भारत को विश्व में सोने की चिड़िया के रूप में पहचान मिली। विशिष्ट अतिथि रवि महाराज व हरिशंकर ने कहा कि सामाजिक एकता और पारिवारिक विश्वास ही सनातन परंपरा की आधारशिला है। संचालन दीनदयाल और आलोक गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर खंड कार्यवाह अभिषेक, विजय सिंह, भीष्म सिंह, सुरेंद्र पटेल,जन्मजेय पटेल आदि मौजूद रहे।
अनगढ़ में आयोजित हिंदू सम्मेलन में प्रशस्ति पत्र के साथ उपस्थित बच्चे, स्रोत सोशल मीडिया
अनगढ़ में आयोजित हिंदू सम्मेलन में प्रशस्ति पत्र के साथ उपस्थित बच्चे, स्रोत सोशल मीडिया