- मौजी जियरा और चुनार क्लब के तत्वावधान में हुए सम्मेलन में आए कवियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी
चुनार। मौजी जियरा और चुनार क्लब की ओर से किलाघाट पर बुधवार रात मनहर कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक विजय मौर्य ने किया। काव्य पाठ की शुरुआत वाराणसी से आई राज लक्ष्मी मिश्रा ने सरस्वती वंदना से।
उन्होंने सुनाया, हंस वाहिनी वीणा वाली स्वर लहरी का ज्ञान, नवगीत तालबद्ध रचूं कविता जननी तू वरदान दे। राजकुमार राजन ने सुनाया, कविता तेरा रूप विशेष, गीत छंद नवगीत सभी से मिलता है उपदेश। मुख्य अतिथि डा. विजय मौर्य ने, तेरे आंचल का था मैं ही सितारा, कलेजा का टुकड़ा था आंखों का तारा सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी।
संजय कुमार यादव उमंग ने सुनाया, अमेरिका की औकात नहीं है हम हैं विश्व गुरु महान। आदित्य गुप्ता पदयात्री ने जय गंगा महारानी, जय गंगा महारानी और माखनलाल झटपट ने लगा दो आग फैशन को जो कपड़े कम पहनते हैं, जो दिन में चार-चार बार कपड़े बदलते हैं, सुनाया। कवियित्री रुसखाना बानो ने कहा वो उम्र भी लाजवाब थी, ये उम्र भी है लाजवाब है। सुनाया तो राजलक्ष्मी मिश्रा मन ने, कौन कहता है की दौलत से ही जमाना है, यहां तो खाक में भी मोतियों का दाना है सुनाकर वाहवाही लूटी। इसके अलावा संजय शर्मा, सुरेंद्र साहिल, नरसिंह साहसी, सुरेंद्र मिश्र अंकुर, राजेश मिश्र ज्योति आदि ने काव्य पाठ कर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। संचालन कर रहे ओम प्रकाश श्रीवास्तव प्रकाश मिर्जापुरी ने बारिश प्यार की होगी तो आशिक भीग जाएगा, निगाहें होंगी जब कातिल पकड़ा जाएगा सुनाकर कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में मेजर कृपाशंकर सिंह, डॉ. सत्यवान श्रीवास्तव, शीतला प्रसाद गौरव, अफसर अली, प्रकाश श्रीवास्तव, तालीम कुरैशी आदि प्रमुख मौजूद रहे।