मिर्जापुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक अप्रैल से शुरू हुए स्कूली वाहनों के सुरक्षा मानक के तहत अब स्कूल संचालकों को यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर ही वाहनों का डेटा 15 तक अपलोड करना होगा। एआरटीओ ने बताया कि अनफिट स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जो अनफिट वाहन मिलेंगे कार्रवाई होगी। 878 पंजीकृत स्कूली वाहनों में 58 के फिटनेस फेल हो गए हैं। उन्हें चलन से बाहर किया जाएगा।
यूपी सरकार के निर्देश पर 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को अब स्कूल वाहन के रूप में चलाने पर रोक लगा दी गई है। एआरटीओ विजय प्रकाश ने बताया कि मोटरयान अधिनियम के तहत स्कूली वाहनों के लिए नए सुरक्षा मानक तय किए गए हैं। जिले में पंजीकृत 878 स्कूली वाहनों में 58 वाहन अनफिट हैं। जो वाहन 15 वर्ष से पुराने हैं। अब उन्हें बाहर किया जाएगा।
प्रदेश भर में एक से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चला कर जिले में संचालित हो रहे सभी स्कूल के वाहन का डेटा यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल अपलोड कराना है। इसमें स्कूली वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, ड्राइवर का डीएल, स्कूल में बच्चों की संख्या सहित प्रबंधक की ओर से शपथ पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। विभाग, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन एक ही प्लेटफॉर्म पर निगरानी कर सकेंगे।
अब तक 17 स्कूलों से 16 वाहन पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत वाहन का फिटनेस फेल होगा तो मैसेज स्कूल प्रबंधक को मिल जाएगा। इसके बाद भी वो वाहन सड़क पर चलेगा तो जिम्मेदार स्कूल प्रबंधक भी होंगे।