पड़री थाना क्षेत्र के रामनगर सिकरी गांव स्थित दीपर्क ईंट भट्ठे पर कार्यरत मजदूरों को रहने के लिए बनाए गए एक मड़हे में बुधवार की रात करीब दस बजे अचानक आग लग गई। मड़हा का छज्जा जलकर अंदर गिर पड़ा, उसमें सो रहे आठ और छह साल के दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
रामनगर सिकरी गांव निवासी महेंद्र कुमार सरोज के सिकरी गांव स्थित दीपर्क इंट भट्ठे पर बिहार के गया जिले से करीब डेढ़ सौ मजदूर ईंट पाथने के लिए दशहरे के समय मिर्जापुर आए थे, जिसमें विजय कुमार मांझी निवासी शेरभूखा थाना चनैती जिला गया अपनी पत्नी और बेटे बहू समेत आठ लोगों के साथ आया था। उसका दामाद जगत निवासी डेमो गया अपनी पत्नी, एक बेटा बिक्कू व बेटी गोरकी तीन वर्ष के साथ आया था।
बुधवार को साप्ताहिक छुट्टी होने पर विजय व जगत के परिवार वालों ने एक साथ खाना बना कर खाया। इसके बाद जगत अपनी पत्नी व बेटी के साथ विजय के मड़हे में जाकर बात करने लगा। इसी बीच जगत का छह वर्षीय बेटा बिक्कू अपने मामा मनदीप आठ वर्ष पुत्र विजय के साथ जाकर अपने मड़हे में सो गया। रात करीब दस बजे अचानक मड़हे में आग लग गई जिससे मड़हा धू-धू कर जलने लगा।
जब तक लोग मौके पर पहुंच कर आग बुझाते तब तक मड़हा का छज्जा जलकर अंदर गिर पड़ा। जिससे उसमें सो रहे बिक्कू व मनदीप गंभीर रूप से झुलस गए। शोरगुल होने पर मजदूरों ने पहुंच कर आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसे दोनों बच्चों को आनन फानन में जिला चिकित्सालय पहुंचाया। जहां उपचार के दौरान भोर में चार बजे मनदीप ने दम तोड़ दिया जबकि सुबह लगभग आठ बजे बिक्कू की मौत हो गई। हादसे की जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।