पुलिस विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब तक जिले भर में 21 हजार लोगों को शांतिभंग समेत अन्य मामले में पाबंद कर चुकी है। ताकि चुनाव के दौरान पाबंद किए गए लोग किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं फैला सकें। अगर कोई गड़बड़ी होती है तो पाबंद किए गए लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन पुलिस द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई से कुछ गरीबों को काफी परेशानी हो रही है। 50 हजार से कम का जमानत पत्र नहीं दिए जाने पर उनकी जमानत नहीं हो पा रही है और पुलिस उनके खिलाफ वारंट जारी कर दे रही है। इसको लेकर ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।
बता दें कि चुनाव आते ही पुलिस लोगों को पाबंद करना श्ुारू कर देती है। सबसे पहले तो उन लोगों को पाबंद किया जाता है जो थाने में किसी न किसी मामले में वांछित रहते हैं। वहीं कुछ ऐसे लोग पाबंद कर दिए जाते हैं जिनका विवाद से कोई लेना देना नहीं होता है फिर भी उनका नाम डाल कर खानापूरी की जाती है। बता दें कि शहर, कटरा तथा देहात कोतवाली क्षेत्र में चार हजार से अधिक लोग अब तक पाबंद किए जा चुके हैं। वहीं हलिया, मड़िहान, लालगंज, जिगना, विंध्याचल, अहरौरा, पड़री, चील्ह, कछवां, जमालपुर, चुनार समेत अन्य थानों में 17 हजार से अधिक लोग पाबंद किए जा चुके हैं। इसमें 107/116, 110 जी के तहत पाबंद किया जा रहा है।
गैंगेस्टर समेत अन्य मामलों में भी अपराधी प्रवृति्त के लोगों को पाबंद किया जा रहा है। जो बड़े मामले हैं उसमें तो लोग जमानत करा ले रहे हैं लेकिन जिनकी हैसियत खाने तक की भी नहीं है वह जमानत कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। मड़िहान, पड़री, हलिया, लालगंज, अहरौरा, चुनार तथा जमालपुर में ऐसे कई लोग हैं जिनके पास खाने तक कुछ नहीं है वह जमानत कैसे कराएंगे। जमानत नहीं कराए जाने पर पुलिस अब तक एक हजार से अधिक लोगों के विरुद्ध वारंट जारी कर चुकी है। इस संबंध में पुलिस कहना है कि पाबंद किए लोगों को 50 हजार रुपये से अधिक कागजात जमानत के लिए पेश करने होंगे तभी उनको जमानत मिलेगी।