हरिश्चंद्र विश्वकर्मा के परिजनों से पूछताछ करती पुलिस
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दोपहर में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा घटना स्थल पर पहुंचे। छानबीन में पुलिस को सर्विलांस से अहम सुराग हाथ लगा। शक के आधार पर पुलिस ने पत्नी से पूछताछ की। जिसके बाद पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। मिर्जापुर एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि हत्याकांड का खुलासा आठ घंटे में कर दिया गया है। प्रेम प्रसंग में पत्नी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कराई है। घटना में जो पिस्टल, कारतूस, बाइक इस्तेमाल हुआ है। उसे कब्जे में लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
डेहरी गांव निवासी हरिश्चंद्र विश्वकर्मा की पत्नी रीता चार माह पहले ऑटो से घर लौट रही थी। ऑटो चालक ने रीता से उसके पति के बारे में पूछा। उसने बताया कि पति वेल्डिंग करता है। बातचीत के बाद दोनों ने एक दूसरे का मोबाइल नंबर लिया। दोनों करीब आ गए। इसके बाद रीता ने ऑटो चालक से बताया कि उसका पति उसे नहीं मानता है। मारता-पीटता है। फिर दोनों ने हरिश्चंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसमें चुनार निवासी ऑटो चालक प्रेमी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर पिस्टल खरीदी।
पत्नी ने गुरुवार रात को फोन कर प्रेमी को बताया कि उसका पति काम पर गया है। देर रात आएगा। इसके बाद उसका प्रेमी अपने साथी के साथ पल्सर बाइक से हरिश्चंद्र के घर से 500 मीटर दूर नहर के किनारे उसका इंतजार करने लगा। जब रात दो बजे के करीब हरिश्चंद्र बाइक से आया तो उसके बाइक पर बंधे सामान से पल्सर सवार दोनों आरोपियों ने उसकी पहचान की। फिर उसके बाइक के बगल से चलते हुए गर्दन में गोली मार कर हत्या कर दी।
हरिश्चंद्र अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। बड़ा भाई ओम प्रकाश मानसिक रूप से अस्वस्थ है। छोटा भाई हनुमान घर पर रहकर ही मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। हरिश्चंद्र विश्वकर्मा को तीन बच्चे है। इसमें सबसे बड़ी पुत्री अनु (12), पुत्र देव (10) और छोटी पुत्री तनु (8) है। मृतक के पिता रामधनी विश्वकर्मा ने बताया कि उसके पुत्र के सहारे पूरे परिवार का भरण पोषण होता था। बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवार का पूरा खर्च उनका पुत्र उठाता था। अब परिवार का खर्च कैसे चलेगा।