अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
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लालगंज थाने में दर्ज विवाहिता की गैर इरादतन हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश बलजोर सिंह ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पड़री थाने के रामनगर सिकरी निवासी मुन्नर सिंह ने 28 अक्तूबर 2019 को लालगंज थाने में तहरीर देकर बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री प्रीति की शादी 2017 में अशोक सिंह निवासी रेही थाना लालगंज के साथ की थी। दंपती से दो बच्चे हुए। उन्होंने 28 अक्तूबर को पुत्री को जलाकर मार डालने का आरोप लगाया। तहरीर में उन्होंने बताया कि शादी के बाद से पुत्री को प्रताड़ित किया जाता था। ससुराल वाले मकान बनवाने के लिए रुपये मांगते थे।
उन्होंने यह भी बताया कि पुत्री मायके आती थी तो ससुराल जाने से इनकार करती थी। समझाकर उसे ससुराल भेजा गया। ससुराल वालों को रुपयों की व्यवस्था देने का आश्वासन दिया, परंतु ससुराल वालों ने जलाकर मार डाला। पुलिस ने तहरीर पर प्रीति के पति अशोक सिंह, ससुर रामजी सिंह, सास शुक्रवारी देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
गवाहों के बयान, अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में 15 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड न देने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने ससुर रामजी और सास शुक्रवारी देवी को दोष मुक्त कर दिया।