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उफ ये सर्दी, दो की ले ली जान

Tue, 27 Dec 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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अलाव का सहारा
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर सोमवार को मिर्जापुर में सुबह से ही  छा गया। अचानक पारा गिरने से लोग कंपकंपाने को मजबूर रहे। जिले भर में पसरी कोहरे की घनी चादर के चलते वाहनों रफ्तार सुस्त हो गई। कड़ाके की ठंड ने दो लोगों की जान ले ली। 
सर्दी का सितम सोमवार को चरम पर रहा। सुबह के समय तो मौसम सामान्य दिनों जैसा रहा, लेकिन ज्यों-ज्यों दिन चढ़ता गया, सूरज के किरणों की गर्मी धीमी पड़ने लगी। बर्फीली हवाएं चलने लगीं। इससे पारा गिरकर  21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रात भी ठंडी हो गई थी और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पारा 11डिग्री पर पहुंच गया।  गलन व ठिठुरन बढ़ने से जहां अधिकांश लोग अपने अपने घरों में कैद रहे।
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अचानक शुरू हुई शीतलहर ने दो लोगों की जान ले ली। अहरौरा के बेलहरा की रहने वाली भागीरथी (50) और मानिकपुर की लालजी चौहान (65) ने ठंड लगने के कारण मौत हो गई।  
कड़ाके की ठंड के बावजूद नगरीय इलाकों सहित ग्रामीण अंचलाें में कहीं भी जिला व पालिका प्रशासन की तरफ से अलाव जलवाने का प्रबंध नहीं किया गया है। शाम को सर्द हवाओं के चलते घरों से बाहर निकलने वाले लोग अपने ऊनी परिधानों से ढंक कर ही बाहर निकलना मुनासिब समझ़ें, वहीं स्कूली बच्चे भी स्वेटर, मफलर, टोपी, जैकेट, कोट, दस्ताना आदि पहन कर ही स्कूल पहुंचे। मगर सबसे ज्यादा दिक्कत सड़क के किनारे जिंदगी बिताने वालों को है। उनके पास इस ठंड से बचने का कोई उपाय नहीं रह गया है। मनुष्य ही नहीं ठंड से पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आए। 
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शाम चार बजे ही गंगा के तटवर्तीय इलाका घने कोहरे की चपेट में आ गया, वहीं गलन व ठिठुरन इस कदर बढ़ा की लोग कांपते नजर आए। ठंड से बचाव के लिए नगर के कई इलाकाें में लोग अपने स्तर से अलाव जलवा रहे हैं।  रेलवे स्टेशन, रोडवेज एवं प्राइवेट बस स्टैंडाें पर यात्रियाें की संख्या काफी कम रही। 
 
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