मिर्जापुर। जिले में हर्षोल्लास के साथ बृहस्पतिवार की रात 10:37 बजे के बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। सदर, चुनार, मड़िहान और लालगंज क्षेत्र में 2504 जगहों पर होलिका जलाई गई। होलिका के फेरे लगाने के साथ लोगों ने उसमें सरसों और बरई डालकर दुख-दरिद्र से मुक्ति की कामना की। ढोल-मंजीरे के साथ होली गीतों पर लोग थिरकते रहे। इसी के साथ रंगोत्सव की शुरूआत हो गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका स्थल पर ढोल और मंजीरे बजाकर लोगों ने फगुआ गाया। इस मौके पर लोगों ने गिले और शिकवे भुलाकर एक दूसरे को होली की बधाई दी। कुछ स्थानों पर मुहूर्त से पहले होलिका जलाने को लेकर लोगों में तनाव रहा, लेकिन बुद्धिजीवियों और पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया।
होलिका दहन होने के बाद अधिकांश स्थानों पर कहीं आरकेस्ट्रा तो कहीं पर पूरी रात नौटंकी का आयोजन हुआ। जहां लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। देहात कोेतवाली थाना क्षेत्र के खजुरी, हरिहरपुर बेदौली, अघौली, अर्जुनपुर, चेरुईराम, मिश्र लहौली, कतरन, राजपुर, धौरुपुर, शाहपुर चौसा, बरकछा, बरकछाखुर्द, लोहंदीकला, लोहंदीखुर्द, चंदईपुर, विकना, अमोई, टांड़, भटौली, परवाराजधर, जिउती सहित अन्य गांवों को मिलाकर कुल 289 स्थानों पर होलिका दहन किया गया।
जिगना:
विकास खंड छानबे में 205 होलिका स्थापित की गई है। जिगना क्षेत्र में 95, गैपुरा क्षेत्र में 36 और ग्रामीण क्षेत्र 74 समेत कुल 205 जगहों पर होलिका जलाई गई।
हलिया: थाना क्षेत्र में कुल 97 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। 12 उप निरीक्षक 25 हेड कांस्टेबल 10 कांस्टेबल एवं 5 महिला कांस्टेबल के साथ होमगार्ड व पीआरडी के जवान निगरानी में लगाए गए थे।
पड़री: स्थानीय बाजार सहित भरपुरा, चंडिका, बेलवन, डाढ़ीराम, मोहनपुर, पैड़ापुर, भगेसर, रानी चौकिया, अमिरती, सिकरी रामनगर, कठिनई, कनौरा, नान्हूपुर, भरपुर, अघवार, देवरी सहित अन्य गांवों में होलिका दहन किया गया। होलिका दहन को लेकर युवा, बुजुर्ग और बच्चों में उत्साह रहा।
आकर्षण का केंद्र रही रमईपट्टी की होलिका
मिर्जापुर। रमईपट्टी तिराहे पर स्थापित होलिका लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। होलिका दहन से पहले स्थानीय लोगों के द्वारा होलिका उपली और लकड़ियों से न सिर्फ सजाया गया बल्कि उपली पर भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर बैठी होलिका राहगिरों के आकर्षण का केंद्र रही। बृहस्पतिवार को शुभ मुहूर्त में बाकायदा होलिका दहन और भक्त प्रह़्लाद के प्राणों की रक्षा में खुशियां मनाई। संवाद