हिंदी ही एक ऐसी भाषा है जो पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोये हुए है। हिंदी बाजार के कारण नहीं बल्कि सरकारी नीतियों के कारण घिरी है। सरकार के साथ साथ ही आम जनमानस को भी अंग्रेजी का प्रेम छोड़ कर हिंदी को अपनाना होगा। ये विचार हिंदी दिवस पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने कहीं। इस दौरान हिंदी को जन जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। स्कूलों में कविता प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिंदी के उत्थान पर बल दिया गया।
हिंदी दिवस पर मुख्य कार्यक्रम आचार्य रामचंद्र शुक्ल पार्क भरुहना में आयोजित किया गया। यहां स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अनुज प्रताप सिंह ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल को हिंदी का पुरोधा बताया। अमिताभ पांडेय ने कहा कि हिंदी के उत्थान के लिए जरूरी है कि उसे सरकारी कामकाज की भाषा बनाया जाय। दयाशंकर दुबे, मनीष सिंह, लक्ष्मीकांत पांडेय, अमरनाथ सिंह, के साथ इरफान कुरैशी, श्रीकांत मिश्र, हौसिला मिश्र, आशीष चंद्र शुक्ला, शिवम दुबे, मोहित दुबे आदि ने विचार व्यक्त किए अध्यक्षता भोलानाथ कुशवाहा ने किया। एएसजे इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। हिंदी प्रवक्ता राजेन्द्र प्रसाद तिवारी ने विचार रखे। कार्यक्रम में राजेश श्रीवास्तव, बेबी दूबे, नरेन्द्र श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य निजामुद्दीन ने किया। आवास विकास कॉलोनी स्थित गुरूनानक इंटर कॉलेज के सभागार में हिंदी दिवस पर 46 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
प्रथम पुरस्कार शिवम दुबे, द्वितीय पुरस्कार छवि गुप्ता और तृतीय पुरस्कार पलक द्विवेदी को मिला। अध्यक्षता प्रधानाचार्या पूर्णिमा द्विवेदी ने तथा संचालन राजेश दुबे ने किया। महुवरिया स्थित किड्स इंटरनेशन स्कूल में नौनिहालों के बीच कविता प्रतियोगिता हुई। प्लेग्रुप में आणी भारद्वाज , नर्सरी में सताक्षी, उन्नति विश्वकर्मा, जूनियर वर्ग में आदित्य सिंह, ऋषिका सिंह, सीनियर वर्ग में श्रेया पांडेय तथा कक्षा एक में अथर्व श्रीवास्तव ने बाजी मारी। स्कूल समन्वयक नाजनीन तौफिक ने कहा कि हिंदी भारत के सबसे अधिक भूभाग में बोली जाने वाली भाषा है। कार्यक्रम में साक्षी कुशवाहा, आकांक्षा गुप्ता,शाहिदा परवीन आदि मौजूद रहे। डा. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस पर छात्रों के बीच हिंदी कविता, निबंध कहानी तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में डायरेक्टर आयुष सर्राफ, प्रधानाचार्य आस्था सर्राफ , प्रीति सर्राफ,तनुजा आदि मौजूद रहे। बी सिंह मल्टी एकेडमी में आयोजित गोष्ठी में बिनानी कॉलेज के इतिहास विभाग के डा. नागेन्द्र दुबे ने कहा कि हिंदी हमारी मान्य मातृभाषा है। इस मौके पर धनंजय त्रिपाठी, मंगला प्रसाद मिश्र, सुरेन्द्र वर्मा, शशिबाला आदि मौजूद रहे।