फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: इमरान की पुलिस कस्टडी रिमांड पर हुई सुुनवाई, फैसला सुरक्षित

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिम में महिलाओं से दोस्ती कर अश्लील वीडियो बनाकर वसूली करने और धर्मांतरण करने के मामले में जेल भेजे गए मुख्य सरगना इमरान खान की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने के लिए बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सुनवाई हुई। जज ने दोनों पक्षों को सुनकर फैसला सुरक्षित रखा है। बृहस्पतिवार को न्यायालय के आदेश के बाद हो सकता है कि पुलिस को पूछताछ के लिए इमरान की पुलिस कस्टडी रिमांड मिले। जिले के पांच जिम केजीएन की तीन शाखा, बी फिट और आयरन फायर जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती कर उनका अश्लील वीडियो बनाकर उनसे पैसा वसूलने के साथ उनका धर्मांतरण करने के मामले में जीआरपी के हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरोह का सरगना दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया सातवां आरोपी इमरान खान है। इसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 25 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल सिंह के न्यायालय में पेश किया। वहां से पुलिस ने उसे 14 दिन के न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया। धर्मांतरण मामले में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को इमरान से पूछताछ करना है। इसके लिए पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन किया था। बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने दोनों पक्षों की दलील सुनी। वीडियो कांफ्रेंसिंग से इमरान खान का भी बयान लिया। सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया गया है। बृहस्पतिवार को इस पर आदेश आएगा। एएसपी आपरेशन मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन किया गया है। बुधवार को उस पर सुनवाई हुई है।
विज्ञापन



इमरान, जहीर व शादाब की जमानत याचिका हो चुकी है खारिज-मिर्जापुर। जिम में धर्मांतरण मामले में इमरान, उसके भाई जहीर और जीजा सादाब की जमानत याचिका मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से खारिज हो चुकी है। धर्मांतरण मामले में सबसे पहले जहीर व शादाब की गिरफ्तारी हुई थी। अपने अधिवक्ता के माध्यम से दोनों ने जमानत याचिका दाखिल की थी। इसकी सुनवाई करते हुए जहीर व शादाब की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। मंगलवार को इमरान खान की भी जमानत याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां से जामनत याचिका खारिज होने के बाद अब जिला जज के न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें