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महानवमी पर श्रद्धा से झुकाए शीश

Tue, 11 Oct 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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भक्तों की भीड़
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जगत जननी आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी देवी का पुष्पों व आभूषणों से किया गया भव्य श्रृंगार। विंध्यधाम में घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़े व जयकारे की गूंज। धाम क्षेत्र की गलियों लगी लंबी कतार में प्रसाद लेकर खड़े श्रद्घालु। मां की एक झलक पाने के लिए लालायित आस्थावान। विंध्यधाम की छत पर मंत्रोच्चार बीच मुंडन-जनेऊ संस्कार कराने मे मशगूल लोग। यह नजारा शारदीय नवरात्र की महानवमी तिथि पर विंध्यधाम में देखने को मिला।  
शारदीय नवरात्र की महानवमी पर विंध्याचल धाम सहित अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान मां काली व अष्टभुजी देवी के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन करने को श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। भोर में तीन बजे मंगला आरती के बाद से ही विंध्य की गलियों में भक्तो की लंबी कतारें लग गई थीं, वहीं विंध्याचल के गंगा घाटों पर स्नान करने के लिए स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। गंगा में डुबकी लगाने के उपरांत माला-फूल, नारियल-चुनरी व प्रसाद लिए श्रद्घालु विंध्यधाम पहुंचे, जहां जगत जननी के भव्य स्वरूप का दर्शन कर भावविह्वल हो उठे।
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    मंदिर परिसर में विराजमान मां काली, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, मां दुर्गा, मां शीतला सहित श्री पंचमुखी महादेव, दक्षिणमुखी हनुमान, राधा-कृष्ण एवं बटूक भैरव जी का फूलों से किया गया भव्य श्रृंगार दर्शन पाकर श्रद्घालु निहाल हो उठे। विंध्याचल मंदिर का गुंबद व मां के पताके का दर्शन कर भक्त पुण्य के भागी बने, वहीं छत पर मुंडन और जनेऊ संस्कार का दौर अनवरत चलता रहा। महानवमी पर तीर्थ पुरोहित अपने अपने यजमानों को मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कराने में मशगूल दिखाई दिए, वहीं हवन-कुंड व मंदिर के गुंबद का परिक्रमा करने को भक्तों का तांता लगा रहा। विंध्यधाम में उमड़ी भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस-पीएसी के जवान जहां मुस्तैदी से डटे रहे, वहीं स्काउट-गाइड व तीर्थ पुरोहित भक्तों की सेवा करते रहे। 
 
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