वासलीगंज स्थित कपड़े की दुकान पर साड़ियों की खरीदारी करती महिलाएं।- संवाद।
मिर्जापुर। हरतालिका तीज का व्रत महिलाएं कल रखेंगी। इसकी तैयारियों के लिए रविवार को बाजारों में रौनक रही। खासकर शृंगार, कपड़ा, सराफा प्रतिष्ठानों पर देर रात तक भीड़ जुटी रही। सड़क की पटरियों पर कच्ची मिट्टी से बने शिव-पार्वती और पूजन सामग्रियों की दुकानें सजीं रहीं।
शहर के फतहां, सिविल लाइन, वासलीगंज, घंटाघर, त्रिमुहानी, संगममोहाल सहित प्रमुख बाजारों में देर रात तक चहल-पहल रही। एडी नग कंगन, ब्रॉस कंगन, लॉक कंगन के अलावा फैंसी डिजाइन के कांच के कंगन और चूड़ियों की खूब मांग रही। वासलीगंज, घंटाघर व त्रिमुहानी स्थित कपड़ों की दुकानों पर सुबह से शाम तक महिलाएं साड़ियों की खरीदारी में जुटी रहीं। आभूषण कारोेबारी धीरज अग्रवाल, सत्यम कौशल का कहना है सोने और चांदी के दामों पर महंगाई के बावजूद हल्के वजन के आभूषणों की खरीदारी हो रही है।
शिव-पार्वती के पूजन का है विधान
मिर्जापुर। भाद्र पद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को महिलाएं सोलह शृंगार कर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। पति की लंबी आयु और सुख-ममृद्धि के लिए निर्जला व्रत करती हैं। आचार्य पं. चंद्रमौलि त्रिपाठी ने बताया कि माता पार्वती ने हरतालिका तीज का व्रत कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था। यही कारण है कि सुहागिनों के साथ कुंवारी लड़कियां भी योग्य वर की कामना से हरतालिका तीज का व्रत करती हैं। कथा के अनुसार माता पार्वती की सहेलियां उनका अपहरण कर उन्हें घने जंगल में ले गई थीं, ताकि पार्वती जी की इच्छा के विरुद्ध उनके पिता उनका विवाह भगवान विष्णु से न कर दें। पार्वती जी ने कई वर्षों तक जंगल में मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उपवास रखा। उनके 108 वें जन्म में शिव ने उन्हें पत्नी के रुप में स्वीकार किया था।
शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज पर 26 अगस्त 2025 को सुबह 5 बजकर 56 मिनट से लेकर 8 बजकर 31 मिनट तक पूजन का मुहूर्त है। भाद्र पद मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 25 अगस्त 2025 को 11 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 26 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर समाप्त होगा। उदया तिथि के अनुसार से यह व्रत 26 अगस्त को मनाया जाएगा।