हलिया ब्लॉक के दिन बहुरने वाले हैं। पिछले 15 वर्षों से हलिया को तहसील बनाने की मांग पूरी होने की आशा जगी है। राज्य सरकार ने इसकी पहल शुरू कर दी है। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। जिला प्रशासन जरूरी विवरण जुटा रहा है, जिसे जल्द ही भेजा जाएगा।
हलिया की भौगोलिक स्थिति
हलिया ब्लॉक मुख्यालय से लालगंज तहसील की दूरी भले ही 22 किलोमीटर हो लेकिन लालगंज तहसील मुख्यालय से हलिया के सबसे दूरस्थ क्षेत्र की दूरी 65 किलोमीटर है। रास्ते दुर्गम होने के कारण तहसील तक पहुंचना आसान नहीं है। तहसील दिवस में जाने के लिए भी एक दिन पहले ही घर से निकलना पड़ता है। इसी परेशानी के चलते डेढ़ दशक से लोग हलिया में तहसील बनाने की मांग करते रहे हैं। नई तहसील बनने से दो लाख 26 हजार 217 की आबादी को राहत मिलेगी।
लोगों की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार ने नई तहसील बनाने की कवायद शुरू कर दी है। हलिया ब्लॉक प्रदेश के मध्य प्रदेश बार्डर से सटा होने के कारण समुचित विकास नहीं हो सका, जिससे वहां के लोगों को मलाल था। प्रदेश का मिर्जापुर जिला मध्यप्रदेश से सटा हुआ है। जिसका दक्षिणांचल क्षेत्र उपरौध के नाम से प्रसिद्ध है। यहां लालगंज व हलिया दो ब्लॉक स्थित हैं, जिसकी तहसील लालगंज है। भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या दो तहसील बनाने की दरकार लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन हलिया ब्लॉक के दस न्याय पंचायतों व 75 लेखपाल क्षेत्र, एक नायब तहसीलदार पद, एक थाना दो चौकी, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तीन नया प्राथमिक उपकेंद्र के बाद भी कई समस्याओं से ग्रस्त है। हलिया ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति सुदूरवतीऱ क्षेत्र में शुमार है। ऐसे में तहसील से संबंधित रोजमर्रा काम के लिए ग्रामीणों को समय और धन दोनों बर्बाद करना पड़ता है। इसी कारण लंबे समय से हलिया ब्लॉक को तहसील बनाने की मांग की जाती रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हलिया की बिंदुवार विवरण लालगंज उपजिलाधिकारी लल्लन राम व तहसीलदार ओम प्रकाश पांडेय को आख्या तैयार किया जा रहा है, इसे शासन को भेजने की तैयारी हो चुकी है, यदि सब कुछ ठीक रहा तो हलिया ब्लॉक प्रदेश के मानचित्र पर नई तहसील के रूप में सृजित हो जाएगा ।
तहसील बनने पर इसमें लगभग पौने दो सौ राजस्व गांवों के जुड़ने की संभावना रहेगी। लालगंज तहसील के आसपास के हलिया ब्लॉक के 25 से 30 गांव लालगंज तहसील में शामिल हो सकते हैं। हलिया में तहसील मुख्यालय बनाने के लिए भूमि की कमी नही है। यदि तहसील मुख्यालय बना तो क्षेत्रीय लोगों के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।