मिर्जापुर। मानसून की पहली बारिश में ही सारे इंतजाम बह गए। शुक्रवार को भोर में हुई जोरदार बारिश के बाद शास्त्री पुल और नटवा स्थित अंडरपास के नीचे पानी भरने से यातायात ठप हो गया। पुलों के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लगने से लंबा जाम लग गया। सुबह से शाम तक 12 घंटे लोग जाम से जूझते रहे। यही नहीं, आधा शहर भी जाम की चपेट में रहा। डीएम और ईओ समेत चील्ह, कटरा, शहर और विंध्याचल पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में जाम खुलवाने में जुटी रही।
शास्त्री सेतु और नटवा रेलवे पुल के नीचे पानी भरने से भोर में चार बजे आवागमन ठप हो गया। मिर्जापुर से औराई होकर प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले, मिर्जापुर से सोनभद्र और बरकछा होकर मध्य प्रदेश जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। समस्या की जानकारी मिलते ही डीएम प्रियंका निरंजन, नगर पालिका के ईओ गोवालाल मौके पर पहुंचे। इसके बाद पाइप लगाकर किसी तरह पानी निकाला गया।
उधर, पुतलीघर-विंध्याचल मार्ग पर पिकअप पलट जाने से वहां भी जाम लग गया। दो पहिया, चार पहिया वाहन गलियों में घुसने लगे। इससे शहर की गलियों में भी जाम लगने लगा। वहीं, शास्त्री पुल इमामबाड़ा मार्ग, नटवा-शबरी मार्ग पर भी जाम लगा रहा। वाहनों में बैठे बच्चे और महिलाएं भूख-प्यास से बिलबिला रहे थे। इसी तरह विंध्याचल में रेहड़ा चुंगी रेलवे पुल के नीचे पानी भर गया था। मौके पर पहुंचकर ईओ ने पाइप के जरिये पानी निकलवाया, तब आवागमन शुरू हुआ। करीब 12 घंटे बाद शाम चार बजे यातायात सामान्य हो सका। रमईपट्टी-कनौरा मार्ग दो किलोमीटर कीचड़ से सना रहा। मुंहकुचवा-आमघाट मार्ग पर कतरन में नहर की सफाई के दौरान निकला मलवा सड़क पर फेंक देने के कारण कीचड़ फैल गया है। ऐसे में बाइक सवार फिसलते दिखे।
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पाइप टूटने से नटवां ओवरब्रिज के नीचे भरा पानी
जंगीरोड पर नटवा तिराहे के आगे एनएचएआई का पाइप ध्वस्त हो जाने की वजह से जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। एडीएम अजय कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंची डीएम प्रियंका निरंजन ने ईओ जी लाल व एनएचएआई के अवर अभियंता से पूछताछ की। पाइप ध्वस्त होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अवर अभियंता को फटकार लगाई। साथ ही एक हफ्ते में मरम्मत कराने का निर्देश दिया।
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मामूली बारिश में शास्त्री पुल पर भर जाता है पानी
चील्ह। शास्त्री पुल पर हल्की बारिश होने पर भी पानी भर जाता है। ऐसे में बरसात के मौसम में लोगों को जलभराव और जाम से जूझना पड़ता है। सड़कों पर जमी धूप और कचरे की वजह से पाइप जाम हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव और सफाई पर ध्यान दिया जाए तो समस्या का निराकरण हो सकता है।