चुनार। थाना क्षेत्र के पक्का पुल से बुधवार को शाम को गंगा नदी में छलांग लगाने वाले युवक का शव बृहस्पतिवार को सुबह गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया गया। युवक पारिवारिक कारणों से परेशान चल रहा था। उसने गंगा नदी में कूदने से पहले अपनी पत्नी को फोन किया था, परंतु बात नहीं हो सकी। यही नहीं, कूदने से पहले फेसबुक पर पोस्ट कर खुद को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार बताया।
वाराणसी के खोजवां थाने के सराय नंदन निवासी रोहित (32) पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद को लेकर परेशान चल रहा था। बुधवार को सुबह 11 बजे दुकान बंद कर स्कूटी से कहीं निकल गया। शाम को चुनार पक्का पुल से उसने गंगा नदी में छलांग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खोजबीन शुरू कराई। जिस पिलर के पास वह कूदा था, वहीं पर 60 फीट नीचे गोताखोरों ने उसका शव बरामद किया। नाविक संघ चुनार के अध्यक्ष रामबाबू निषाद के नेतृत्व में शिवकुमार उर्फ टक्कल, धर्मेंद्र साहनी, गुड्डू साहनी, रोहित साहनी, राहुल साहनी, दीपक साहनी, सहदेव साहनी आदि गोताखोरों ने शव काफी गहराई से निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रोहित अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उससे एक पुत्र अंश और पुत्री अन्वी हैं।
उसके बड़े पिता राजेश कुमार ने बताया कि पत्नी से विवाद के चलते वह तनाव में था। आत्महत्या से पहले भी उसने पत्नी को फोन किया था, परंतु बात नहीं हो सकी थी। दोस्तों ने उसके फेसबुक पर पोस्ट के बारे में बताया। रोहित ने फेसबुक पर एक पोस्ट की है। जिसमें पत्नी को इंगित करते हुए सुसाइड नोट लिखा है और कहा है कि अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं। किसी की कोई गलती नहीं है। हम तुम्हें बहुत प्यार करते थे, करते रहेंगे। शायद हम दोनों का साथ यहीं तक था। जितनी बार जन्म लूं पत्नी रूप में तुम्ही मिलो, यही प्रार्थना करता हूं। मुझे अपने बच्चों का फिक्र इसलिए नहीं है क्योंकि भोलेनाथ की चरणों में खुद को समर्पित कर दिया। वो सब कुछ देख लेंगे। लेकिन जिनकी वजह से बात यहां तक पहुंची वो कभी खुश नहीं रहेगा। चुनार कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया कि गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। उन्होंने फेसबुक पर सुसाइड पोस्ट के बारे में अनभिज्ञता जताई।