कटरा कोतवाली क्षेत्र के लालडिग्गी इलाके में 25 मई 1980 को रात करीब साढ़े आठ बजे मरीज को देखते समय डा. डीडी त्रिपाठी निवासी विजयपुर कोठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिता महावीर प्रसाद त्रिपाठी ने कटरा कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ पुत्र की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना के दौरान ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा तथा उनके भाई जीत नारायण मिश्रा का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद हत्यारोपियाें द्वारा उच्च न्यायालय में स्थगन याचिका दाखिल करने के कारण मुकदमा विचाराधीन था। हाईकोर्ट के स्थगन आदेश देने के बाद वादी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किया तो कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज करते हुए मामले की सुनवाई डे बाई डे निचली अदालत में करने का आदेश दिया था।
आरोपी सपा के ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्रा के अदालत में उपस्थित न होने पर उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ। इसकी जानकारी मिलने पर शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे विधायक विजय मिश्रा अपने भाई जीत नारायण मिश्रा के साथ विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट देवेंद्र सिंह की अदालत में उपस्थित हुए और वारंट री काल करने की याचना की।
न्यायालय ने 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर वारंट री काल कर धारा 147,148, 302/149 के तहत आरोप पत्र बनाने का आदेश दिया। 21 जनवरी को गवाहाें को न्यायालय में पेश होने का भी कोर्ट ने आदेश दिया।