मिर्जापुर के चंद्रदीपा स्थित मेसर्स शुक्ला पेट्रोलियम के एक डिस्पेंसर यूनिट में पेट्रोल पंप संचालक द्वारा छेड़छाड़ मिला। आपूर्ति विभाग को आशंका है कि पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पर्ल्स कार्ड में चिप लगाया गया था। हालांकि जांच के दौरान चिप नहीं मिला। आपूर्ति विभाग ने छेड़छाड़ वाले डिस्पेंसर यूनिट को सील कर सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दिया। वहीं दूसरे नटवा स्थित पेट्रोल पंप फ्यूल शापी के जांच के दौरान सबकुछ सही मिला। टीम द्वारा छापेमारी से क्षेत्र के पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
मुख्य राजस्व अधिकारी वंश बहादुर के निर्देशन में सोमवार को नगर के दो पेट्रोल पंपों पर औचक छापेमारी की गई। डीएसओ अंजनी कुमार सिंह, इंडियन आयल के नोडल अधिकारी दीपक प्रजापति, वरिष्ठ बाट माप निरीक्षक एसपी शुक्ला, एआरओ पारस पाल की निगरानी में कंपनी से आए इंजीनियरों ने जेड आकार का डिस्पेंसर यूनिट खोला तो पाया कि मशीन के पल्स कार्ड में छेड़छाड़ किया गया था। टीम ने पेट्रोल पंप के डिस्पेंसर यूनिट और नोजलों की विधिवत जांच किया। कंपनी के इंजीनियरों ने डिस्पेंसर यूनिट, नोजल, नोजल की बोर्ड, मदर बोर्ड सहित सभी भागों को खोलकर देखा। पाया कि पल्स मशीन में अलग से तार लगाया गया था।
वहीं केबिल को बीच से काटकर चारों तारों को अलग अलग कर दिया था।नोडल अधिकारी ने बताया कि नियम है कि पल्स कार्ड में नियम है कि तार को कही से भी काटा नही जाए। उन्होंने बताया कि तार काटकर कुछ उपकरण लगाने की आशंका है। इसके बाद टीम ने जेड आकार वाले डिस्पेंसर यूनिट को सील कर दिया। डीएसओ ने बताया कि इंजीनियर पता लगा रहे हैं कि तार काटने का मकसद क्या था और तार काटकर क्या लगाया गया था। उन्होंने कहा कि टीम ने कहा कि पेट्रोल पंपों की जांच आगे भी जारी रहेगी। घटतौली करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।