कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परियोजनाओं के तहत प्रस्तावित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय से पूरा कराने की हिदायत दी। साथ ही आगाह किया कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कुछ कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने बताया कि बजट के अभाव में कार्य बाधित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए पत्र तैयार कराकर उसे उनके माध्यम से शासन को प्रेषित किया जाए, ताकि धन की व्यवस्था हो सके। बताया गया कि जिले में सीएंडडीएस यूनिट-38 जल निगम सोनभद्र की तरफ से कुल 16 कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें एक कार्य 33 प्रतिशत, सात कार्य 67-99 प्रतिशत पूरे हुए हैं जबकि पांच पूर्ण कराये जा चुके हैं। यूपी सिडको की तरफ से पांच कार्य कराये जा रहे हैं। जिसमें एक कार्य पूरा हो गया है और अन्य निर्माणाधीन हैं। उप्र राज्य मंडी परिषद की तरफ से एक कार्य कराया जा रहा है, जिसे पूर्ण करा लिया गया है। यूपी प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड यूनिट-16 द्वारा 16 कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें से आठ कार्य पूरे हो चुके हैं और अन्य निर्माणाधीन हैं। सेतु निगम प्रांतीय खंड निर्माण खंड द्वारा 23 कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें से नौ परे हो गए हैं और अन्य निर्माणाधीन हैं। इसी तरह से निर्माण खंड - 2 लोक निर्माण विभाग द्वारा सात कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें से दो कार्य पूरे हो गए हैं और अन्य निर्माणाधीन हैं। लघु डाल नहर खंड द्वारा तीन कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें से दो पूरे हो गए हैं और एक अन्य कार्य 99 प्रतिशत तक पूर्ण करा लिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जो कार्य अभी पूर्ण नहीं हुऐ हैं, उन्हें समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग पूर्ण करा लें। गुणवत्ता खराब मिलने पर कार्रवाई की जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजीव सिंघल, परियोजना निदेशक डीआरडीए अनय मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कैलाश नाथ, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चन्द्र दूबे, जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी आदि मौजूद रहे।