मिर्जापुर। एक फरवरी को केंद्र सरकार की तरफ से प्रस्तुत किए जाने वाले बजट को लेकर समाज के विभिन्न तबके के लोगों में उत्सुकता बनी है। आम जनता को उम्मीद है कि बजह ऐसा हो जिससे महंगाई न बढ़े। वो चाहते हैं कि रोजमर्रा की चीजें और खाद्य पदार्थ सस्ते हों। कोई शिक्षा पर विशेष पैकेज की चाहत रखे हुए है तो तमाम लोग आम जरूरत को वस्तुओं को सस्ता करने की मांग कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी महिलाओं ने अपनी राय दी है। महिलाओं का कहना है कि सरकार या तो उच्च वर्ग वाले लोगों पर ध्यान देती है अथवा निम्न आय वर्ग के लोगों पर ध्यान देती है। मध्यम आय वर्ग वाले परेशान होते हैं, इसलिए उन पर भी ध्यान देने की जरूरत है। ताकि मध्यम आय वर्ग के लोगों की समस्याएं कम हो सकें।
बजट हमेशा मध्यम वर्गीय परिवार को ध्यान में रखकर बनाना चाहिए, ताकि मध्यम वर्ग को परिवार का भरण-पोषण कर सके और उनके बच्चे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके। -नीलू सिंह।
बजट ऐसा हो जिससे घर की जरूरतें पूरी हो। नियमित खर्च, तय बचत और सीमित खुशियों का संतुलन ही सशक्त गृहस्थी की पहचान है।-शुभा खंडेलवाल, वाइस प्रेसिडेंट इनरव्हील क्लब।
बजट में वर्किंग महिलाओं को आयकर में पुरुषों की अपेक्षा अधिक छूट मिलनी चाहिए। ताकि बढ़ती महंगाई में भी वे अपना घर आसानी से चला सकें।-रश्मि अग्रवाल, श्री कृष्णा अलंकार मंदिर।
कामकाजी महिलाओं को इनकम टैक्स में विशेष छूट मिलनी चाहिए l सोने की बढ़ती कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होने के कारण इस पर जीएसटी की दर कम होनी चाहिए l महिला उद्यमियों के लिए ब्याज दर में और छूट और बिना गारंटी वाले कर्ज की सीमा बढ़नी चाहिए l
-रीता खत्री, एडवोकेट।