विध्याचल क्षेत्र में रोड पर फैली गंदगी।
शारदीय नवरात्र मेले के बाद विंध्य क्षेत्र में चहुंओर गंदगी का आलम होने से दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। घाटों पर कूड़ों का अंबार एवं प्रमुख गलियों व सड़कों पर जगह-जगह फैली गंदगी से जीना दुश्वार हो गया है। कई जगहों पर जलनिकासी की समस्या होने से भक्तों को गंदे पानी के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। सब कुछ जानकर भी नगर पालिका प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
विंध्याचल में 10 दिवसीय नवरात्र मेला के बीतते ही धाम क्षेत्र में चारों तरफ गंदगी व कूड़ा-करकट ही नजर आ रहा है। जगह-जगह फैली गंदगी मुंह चिढ़ा रही है, वहीं गंगा घाटों की दशा तो बद से बदतर हो चुकी है। विंध्याचल के पक्काघाट, दीवानघाट, अखाड़ाघाट, भैरोघाट, परशुराम घाट, कच्चा घाट, बाबू घाट, गुदाराघाट, इमलीघाट, मल्लहिया घाट पर चारों तरफ फैले सिल्ट के कारण स्नान करने वाले लोग फिसल कर गिर जा रहे हैं। गंगा घाटों पर उबड़-खाबड़ सीढ़ियों के कारण स्नानार्थी गिरकर चुटहिल होते जा रहे हैं। विंध्याचल धाम क्षेत्र के रोडवेज परिसर सहित सभी प्राइवेट बस स्टैंडों व प्रमुख सड़कों एवं गलियों में फैली गंदगी के चलते दर्शनार्थी परेशान हो रहे हैं।
विंध्याचल धाम क्षेत्र में जाने वाली सभी सड़कों की दशा बद से बदतर हो चुकी है, जिससे श्रद्धालुआें को हिचकोले खाते हुए दर्शनार्थियों को धाम क्षेत्र में जाना पड़ रहा है। विंध्य धाम क्षेत्र में जगह-जगह खुली नालियों के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों का खतरा फैलता जा रहा है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारी सब कुछ जानकर उदासीन बने हुए है, जिसका खामियाजा दूरदराज से विंध्याचल धाम में आने वाले दर्शनार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।
नहीं दिख रहे सफाईकर्मी ःविन्ध्याचल। दस दिनों के नवरात्र के दौरान लगातार सफाई करने वाले सफाई कर्मी भी अब नजर नहीं आ रहे हैं। इसके कारण गलियों में जगह-जगह माला फूल, प्लास्टिक की पन्नी और अन्य सामान बिखरे पड़े हुए हैं। नवरात्र तक तो यह स्थिति नहीं है लेकिन नवरात्र के बाद आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह परेशानी का सबब बना हुआ है।