मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर चौबिस घंटे में आठ सेंमी बढ़ा। गंगा चेतावनी बिंदु के करीब 76.680 मीटर पर पहुंच कर स्थिर हो गई।
जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। बाढ़ के पानी से छानबे, कोन व सीखड़ ब्लाॅक क्षेत्र में कई घर पानी से घिर चुके हैं। बाढ़ का पानी मार्गो पर आ जाने से संपर्क टूट गया था। घर पहुंचने के लिए लोगों को काफी दूरी का चक्कर लगाना पड़ रहा था। सीखड़, ब्लाॅक में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे गांव की तरफ बढ़ रहा था। मेड़िया पुल से गंगा का पानी खानपुर, मगरहा, सोनवर्षा तक पहुंच गया है। वहीं प्रेमापुर से फुलहा होते हुए धनैता, बिदापुर की ओर पानी पहुंच चुका है। रामगढ़ बाहा से गंगा का पानी बटौवा, छीतकपुर, पचराव, हासीपुर होते हुए खैरा में घुस गया है। पांचवीं बार गंगा का पानी बढ़ने से किसान चिंतित हैं। पूर्व में आई बाढ़ से किसानों का काफी नुकसान हो चुका है। अभी खराब हुए फसल का मुआवजा मिला नहीं था कि फिर बाढ़ आ गई। अधिकांश किसानों मिर्चे की खेती की है। जिसको बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है।
प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम स्थगित
जिगना। छानबे क्षेत्र के बाढ चौकी अकोढी पर मंगलवार को प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम स्थगित हो गया। छानबे विकास खंड के महेश भट्टाचार्य इंटर कॉलेज अकोढी में बने बाढ़ राहत शिविर में मंगलवार को प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी का कार्यक्रम लगाया गया था। लोग सुबह से ही मंत्री जी का इंतजार कर रहे थे। राजस्व विभाग , स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तैयारी कर मंत्री का इंतजार करते रहे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र चौकठा की दर्जनों महिलाएं इंतजार में बैठी थीं। प्रभारी मंत्री का कार्य क्रम स्थगित होने पर मायूस हो गई।
प्रभारी मंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
विंध्याचल। मंगलवार की दोपहर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी अष्टभुजा डाक बंगला पर पहुंचे। जहां नगर भाजपा विधायक पं. रत्नाकर मिश्रा ने अंग वस्त्र से प्रभारी मंत्री का स्वागत और अभिनंद किया। जहां से प्रभारी मंत्री सीधे सिटी ब्लाॅक क्षेत्र के गोसाई पुरवा में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित किया। इस दौरान जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, एसडीएम सदर गुलाबचंद सहित अन्य मौजूद रहे।