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Mirzapur News: 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर बढ़ी गंगा, मुक्ति धाम डूबा, आबादी की ओर बढ़ रहा पानी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। शनिवार को 24 घंटे में 24 सेंटीमीटर जलस्तर में वृद्धि हुई। 1.250 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का पानी चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा है। कोन ब्लाक के हरसिंहपुर में स्थित मुक्ति धाम डूब गया है। वहीं, छानबे, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर, सिटी, पहाड़ी ब्लाक के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। शनिवार को दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.670 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले शुक्रवार को जलस्तर 71.430 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 24 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार से चार घंटे में 1.250 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा था। कोन ब्लाक के हरसिंहपुर, मल्लेपुर, अनिरुद्धपुर पूरब पट्टी, धौरहरा, खुलूआ, लखनपुर, मवैया, मुजहेरा, कमासिन आदि गांव के किसानों को फसलें डूबने की चिंता सताने लगी है। वहीं, कछवां, बरैनी, अख्तियारपुर, केवटाबीर, बजहां, पसियाही, बिदापुर और धन्नूपुर गांव की तरफ पानी बढ़ने से लोग परेशान हैं। सीखड़ ब्लाॅक के धन्नूपुर, पसियाही, बिदापुर, फुलहा, प्रेमापुर, रामगढ़, सीखड़, विठ्ठलपुर, भुवालपुर, कठेरवा, मवैया, मिशिरपुरा, मुंदीपुर, मेड़िया, बसारतपुर, अदलपुरा, रुदौली आदि गांवों में भी लोग सतर्क हो गए हैं।
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बाढ़ से निपटने के लिए 37 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। एडीएम अजय सिंह और एसडीएम चुनार राजेश वर्मा ने बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी। इसी प्रकार एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने कोन ब्लाॅक के तटवर्ती गांवों और बाढ़ चौकियों का जायजा लिया।

आठ किमी का चक्कर काट रहे लोग
सक्तेशगढ़। इमलिया चट्टी-अहरौरा मार्ग पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। पिछले छह महीने से काम ठप है। ऐसे में शनिवार को सुबह भारी बारिश होने से पहाड़ी नदी में उफान आ गया।
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विवशता में लोग पानी में उतर कर आवागमन करते रहे। नदी में बाढ़ आने से रामपुर, सक्तेशगढ़, खम्मा जमाती, बलुआ बजाहुर, बन इमलिया, जंगल महल जाने के लिए लोगों को आठ किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बरसात से पहले पुल तैयार हो गया होता तो ऐसी समस्या नहीं होती।
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